

पटना: प्रशांत किशोर पिछले साल 2 अक्तूबर 2022 से लगातार बिहार के गांवों का दौरा कर रहे हैं. उनकी पदयात्रा अबतक 2 हजार किमी से अधिक की दूरी तय कर चुकी है. वहीं वो लगातार आरजेडी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हैं. उन्होंने एक बार फिर बिहार सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि RJD का जीरो एमपी, नीतीश कुमार का अपना ठिकाना नहीं और अखिलेश यादव के लोकसभा में 5 एमपी और बात ऐसे करते हैं जैसे उनके पांच सौ एमपी जीते हों, ये ढपली बजाने वाले एक जाति को खुश करने में लगे हैं. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने विपक्षी एकता पर हमला करते हुए कहा कि आज नीतीश कुमार को बिहार की चिंता करनी चाहिए. RJD के जीरो एमपी हैं वो देश का प्रधानमंत्री तय कर रहे हैं. जिस पार्टी का अपना ठिकाना नहीं है वो पूरे देश की अलग-अलग पार्टियों को एकत्रित करने में लगा है. नीतीश कुमार पिछले दिनों ममता बनर्जी से मिले, क्या ममता बनर्जी लालू और नीतीश कुमार को पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के लिए सीट देने को तैयार हो गयी हैं? क्या लालू और नीतीश बिहार में टीएमसी को एक भी सीट देने के लिए तैयार हैं? नीतीश कुमार को कौन पूछता है? प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार हाल ही में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव से मिलने गये. अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी को लोकसभा चुनाव 2014 में 5 सीटें और 2019 में भी 5 सीटें मिलीं. हालांकि, वो बात ऐसे कर रहे हैं जैसे पांच सौ एमपी इन्हीं के पास हैं. दो जीरो को अगर जोड़ेंगे तो उससे क्या होगा? आज ये बीजेपी के B टीम हैं, क्योंकि ये अपनी दुकान चला रहे हैं. आज ये बिहार में एक समुदाय के लोगों को मैसेज देने के लिए कि हम प्रयास कर रहे हैं. लेकिन उनको भी मालूम है कि इस प्रयास से कुछ होने वाला नहीं है. ये सिर्फ ढपली बजाने वाले लोग हैं. बैठकर चाय पीना प्रेस कॉन्फेंस करने से विपक्ष मजबूत हो जाता तो 20 साल पहले ही विपक्ष मजबूत हो गया होता. आज ये लोग घर से निकलकर 5 किलोमीटर चल नहीं सकते हैं कोई दौरा नहीं कर सकते हैं कोई काम नहीं कर सकते हैं. ये लोग सिर्फ भतोलेबजी करने में लगे हुए हैं. इनका काम सिर्फ लोगों को गुमराह करने का रह गया है.

