

गिरिडीह : गिरिडीह के बिरनी थाना क्षेत्र में 15 दिन बाद फिर से झुंड से बिछड़ा हाथी ने शनिवार रात को उत्पात मचाया। रात करीब नौ बजे रजमनियां गांव पहुंचकर हाथी ने कई घरों का दरबाजा तोड़ा। कई लोगों की चारदीवारी ध्वस्त कर दी गई। खेत मे लगी जेठूवा फसल को नष्ट कर दिया गया। गांव के छह लोगों के घर, अनाज व फसल की क्षति हुई है। रात भर लोग मशाल जलाकर व टीना पीट-पीट कर खुद की सुरक्षा में लगे रहे। वनकर्मी रात को ही गांव पहुंच गए थे। सुबह हाथी को जंगल की तरफ भगाया जा सका। हाथी से नुकसान रजमनियां के छत्रधारी साव , लखन साव, सीताराम साव, आनंद साव ,उषा देवी, दुलारी देवी को पहुंचा। इनके घरों का दरवाजा तोड़ दिया गया। उषा देवी व दुलारी देवी का घर का दरवाजा तोड़ घर मे रखा चावल , आलू, गेहूं को चट कर गया।।मोहन साव के खेत मे लगी जेठूवा फसल व केला को नुकसान किया । ग्रामीण सावधानी नही बरतते तो जान की भी क्षति हो सकती थी। कोडरमा जिला के पपीलो जंगल से निकल गिरिडीह जिला के बिरनी प्रखंड के रजमनियां गांव में हाथी के पहुंचने की सूचना वन विभाग को मिलते ही कर्मी गांव पहुंचे। वन विभाग के कर्मी हाथी को गांव से बाहर निकाला। गांव से निकाल रविवार सुबह लेवरा दलांगी जंगल में उसे प्रवेश कराया गया। वन विभाग के वन उप परिसर पदाधिकारी अबोध महथा ने कहा कि सूचना मिलते ही गांव पहुंच हाथी को निकालने का प्रयास किया गया । कहा किबग्रामीण क्षति किनपूर्ति के लिए वन विभग को आवेदन दें ।जल्द ही मुआवजा मिलेगा।

