

कुशीनगर : जिले के 14 ब्लाॅक के 28 कम्पोजिट शासकीय विद्यालयों में अपनी खगोल प्रयोगशाला होगी। बच्चे स्कूल से अंतरिक्ष का अद्भुत नजारा देख सकेंगे। बच्चे टेलिस्कोप से महत्वपूर्ण ग्रह नक्षत्र देख सकेंगे साथ ही उनसे निकलने वाली किरणों का भी अध्ययन कर सकेंगे। प्रयोगशाला में भौतिकी , रसायन व गणित के कुल 70 प्रकार के प्रयोग देखने सुनने व दुहराए जाने की सुविधा होगी।

यह अभिनव प्रयोग डीएम रमेश रंजन, सीडीओ गुंजन द्विवेदी व ऐस्ट्रो स्केप दिल्ली के निदेशक आर्यन मिश्रा के समन्वित प्रयासों का नतीजा है।

चयनित विद्यालयों में प्रोजेक्ट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ऐस्ट्रो स्केप टीचर ट्रेनिंग देने के साथ स्पोर्ट मशीनरी भी देगी। एक प्रयोगशाला में कुल 70 उपकरण लगाए जायेंगे। छात्र टेलिस्कोप से मर्करी, वीनस, मार्स, मून व जुपिटर ग्रह देखकर अध्ययन कर सकेंगे। चन्द्रग्रहण व सूर्यग्रहण देखने के साथ दिन में सूर्य को देख सकेंगे। दूसरे प्रयोग प्राइमरी क्लार्क आफ लाइट रेड, ग्रीन, ब्लू, व्हाइट लाइट व स्पेक्ट्रम, प्रिज्म, वे आफ टिक किट मिरर लेंस लाइट आदि का अध्ययन कर सकेंगे। ह्यूमन टारसो प्रोजेक्ट में लीवर, किडनी, हर्ट आदि बॉडी पार्ट एवं मैग्नेटिक सेट प्रोजेक्ट में चुम्बकीय अध्ययन कर सकेंगे। ट्यूनिक फोक प्रोजेक्ट में अलग-अलग प्रकार की ध्वनि-तरंगों के बारे जान समझ सकेंगे। चयनित कम्पोजिट विद्यालय पर प्रोजेक्ट लगाने में प्रति विद्यालय 2.75 लाख का खर्च आ रहा है। यह व्यय ग्राम पंचायत वहन कर रही है। उक्त धनराशि कक्ष की साज सज्जा, पेंटिंग, फर्नीचर, मशीनरी, उपकरण पर व्यय की जा रही है। कसया व नेबुआ नौरंगिया ब्लाक में अभी विद्यालय चयन का कार्य अधर में है।

ऐस्ट्रो स्केप के निदेशक आर्यन मिश्रा बताते हैं कि परियोजना को लेकर हम उत्साहित हैं। आने वाले दिनों में इसका विस्तार अन्य विद्यालयों तक हो सके, इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं। यह एक अनूठी परियोजना है। विज्ञान की प्राथमिक तथ्यों को बच्चे बेहतर तरीके से प्राथमिक स्तर पर जान लेंगे तो उन्हें आगे काफी सहूलियत होगी।
