

राउरकेला: ओडिशा के सुप्रसिद्ध हिंदी कवि,गायक व समाजसेवी श्याम सोमाणी का गुरुवार को राउरकेला में स्वर्गवास होगय. वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन पर शहर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनो के लोगों ने शोक प्रकट किया। उनकी हिंदी की रचनाएँ एक से बढ़कर एक है.

उनका निधन गुरुवार की सुबह उनके निजी आवास सिविल टाउनशिप के डबल सी 7 में हुआ। अंतिम यात्रा उनके निवास स्थान से निकाली गई.उनके अंतिम यात्रा में शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग और राउरकेला चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी शामिल हुए। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शहर के वेदव्यास घाट पर हुआ। इस अवसर पर उनके पुत्र संजय सोमानी ने मुखाग्नि दी.

इस अवसर पर चेंबर के सुनील कयाल प्रभात टेकरीवाल ने कहा कि श्याम सोमाणी के रूप में राज्य ने एक अनमोल रत्न खो दिया.उनका निधन पूरे राज्य की बहुत बड़ी छति है, इसकी भरपाई करना आसान नहीं है.वे कवि के साथ उम्दा गायक व सामाजिक सेवक थी.समाज के हर काम में बढ़चढ़ भाग लेते थे. इस अवसर पर गुरमीत सिंह, संतोष पारीक,गोपाल बगड़िया,समेत राजस्थान परिषद के शैलेंद्र मारोठिया, सुरेश केजरीवाल, जुगल मारोठिया, पवन गिरिया, नटवर बगड़िया, गोपी खेमानी,दिलीप शर्मा , मनोज अग्रवाल, मांगीलाल बोथरा ,विनोद नरेड़ी, तरुण मालानी ,अनिल सोमानी ,आनंद बांगड़, रमेश चांडक ,राजू चांडक बेनी, गोपाल मालानी ,संकल्प संस्थान के डॉ. मधुसूदन सहा, श्रवण पारीक, सुरभि बेरा, केके प्रजापति, उमेश कोठारी , दीनदयाल अग्रवाल, डॉ सुशील दाहिमा, विनोद महंता आदि शामिल हुआ।

