

एनएसआईसी क्लास रूम में भौं थ्रेडिंग करते हुए धागों में तेजी से अपनी उंगलियाँ फिराते हुए, नुआगाँव ब्लॉक के बागडेगा गाँव की जात्री केरकेट्टा कहती हैं, “एनएसआईसी में दो महीने के पाठ्यक्रम ने मेरे ब्यूटीशियन कौशल को और अधिक पैना बनाने के साथ साथ मुझे पेशेवर मनोवृत्ति से काम करने में मदद की है। मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है जिससे में अपना ब्यूटी पार्लर और अधिक कुशलता से चला पाउँगी।
आरएसपी की पुनर्वास कॉलोनियों और आरएसपी-सीएसआर के सीधे प्रभावी क्षेत्र कुआरमुंडा, लठिकटा, नुआगाँव और बिसरा के पर्श्वांचल ब्लॉकों से दो महीने के सहायक ब्यूटीशियन पाठ्यक्रम के अन्य 15 प्रशिक्षुओं ने आरएसपी-सीएसआर और एनएसआईसी को आत्मविश्वास के साथ कौशलयुक्त और स्वतंत्र उद्यमी बनने में मदद करने के लिए आभार व्यक्त किया। इसी तरह की अभिव्यक्ति उन 16 युवाओं में से आई जिन्होंने आजीविका उन्नत बनाने के लिए दो महीने का सहायक इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण लिया था। नुआगाँव ब्लॉक के श्री संजीव कुमार महतो ने कहा कि “प्रशिक्षण द्वारा अब नौकरी की तलाश करने में मेरे लिए पहले से कहीं अधिक आसान हो जायेगा “ I एक अन्य प्रशिक्षु श्री श्याम मुंडारी का कहना था , “अब मंन घर से स्वतंत्र रूप से काम करके कमाई कर सकता हूँ।”
सभी 32 प्रशिक्षुओं ने एनएसआईसी, सेक्टर-15 में आयोजित एक सर्टिफिकेट वितरण सामारोह में मुस्कराते हुए प्रमाण पत्र प्राप्त किया। मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएँ और सीएसआर), श्री पी के स्वाईं ने समारोह की अध्यक्षता की और प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र सौंपे। इस अवसर पर महाप्रबंधक (सीएसआर), सुश्री मुनमुन मित्र, सहायक महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री टी बी टोप्पो और मुख्य प्रबंधक (एनएसआईसी) श्री बी एम नायक उपस्थित थे।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री स्वाईं ने एक छात्र के रूप में अपना अनुभव साझा किया और प्रशिक्षुओं से जीवन में प्रगति के लिए सकारात्मक सोच रखने और मेहनती बनने का आग्रह किया।
मन, मष्तिष्क एवं कौशल के साथ चाकू का तुलना करते हुए सुश्री मित्रा ने कौशल सेट को पैना बनाए रखने के लिए निरंतर अभ्यास की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री टोप्पो ने सफलता प्राप्त करने के लिए नेटवर्किंग और ईमानदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

