

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात करीब 10 बजे अमेरिका पहुंचे। यहां न्यूयॉर्क के जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर उनका स्वागत हुआ। अमेरिका के चीफ प्रोटोकॉल ऑफिसर रूफस गिफर्ड एयरपोर्ट पर PM मोदी को रिसीव करने पहुंचे।

आजादी के बाद अब तक देश के 9 प्रधानमंत्रियों ने 34 बार अमेरिका का दौरा किया है। मोदी तीसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जिनका स्वागत अमेरिका के तीन अलग-अलग राष्ट्रपतियों ने किया है। इससे पहले भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी तीन अमेरिकी राष्ट्रपति स्वागत कर चुके हैं।

क्यों खास है इस बार का नरेंद्र मोदी का दौरा
- जो बाइडेन अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति हैं जो नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे। पहली बार सितंबर 2014 में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और दूसरी बार 2017 में डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी का स्वागत किया था। इससे पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी अमेरिका के तीन-तीन राष्ट्रपति स्वागत कर चुके हैं।
- बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब तक 8 बार अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं। यह पहली बार है जब उन्हें स्टेट विजिट के लिए इनवाइट किया गया है। आखिरी बार 14 साल पहले नवंबर 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अमेरिका में स्टेट विजिट के लिए इनवाइट किया गया था। पहली बार स्टेट विजिट पर 1963 में राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन गए थे।
- अमेरिकी डिप्लोमैटिक परंपरा के मुताबिक ‘स्टेट विजिट’ पर किसी भी देश के हेड ऑफ स्टेट यानी राष्ट्रपति/राजा या रानी को ही बुलाया जाता है, लेकिन मनमोहन और मोदी के मामले में इस परंपरा को बदलकर ‘हेड ऑफ गवर्नमेंट’ को बुलाया गया।
- नरेंद्र मोदी अमेरिकी संसद को दो बार संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्षों में ऐसा करने वाले PM नरेंद्र मोदी दूसरे हैं। पहले इजराइल के PM बेंजामिन नेतन्याहू हैं, जिन्होंने तीन बार US कांग्रेस को संबोधित किया है। दिसंबर 2022 में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया था, उनका यह संबोधन पूरी दुनिया में चर्चा में रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति 4 साल के कार्यकाल में एक ही बार किसी एक देश के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को बुलाते हैं

जब एक राष्ट्राध्यक्ष दूसरे राष्ट्राध्यक्ष के ऑफिशियल इनविटेशन पर किसी देश में जाता है तो वह ‘स्टेट विजिट’ होती है। स्टेट विजिट सबसे ऊंचे दर्जे की दौरा होता है।
अमेरिका की डिप्लोमैटिक पॉलिसी के मुताबिक, अमेरिका का राष्ट्रपति अपने चार साल के कार्यकाल में किसी एक देश के राष्ट्राध्यक्ष को एक बार ही स्टेट विजिट पर बुला सकता है। यानी जो बाइडेन इस 4 साल के कार्यकाल में दूसरी बार नरेंद्र मोदी को स्टेट विजिट के लिए नहीं बुला सकते। हालांकि, किसी दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष को बुला सकते हैं।
जो बाइडेन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका में इनवाइट किया है। इसे ही स्वीकार करते हुए अब नरेंद्र मोदी इस दौरे पर गए हैं। अमेरिका के सभी दस्तावेजों में इसे ‘विजिट ऑफ इंडिया’ लिखा जाएगा। अगर ये भारत की जगह ब्रिटेन होता तो इसे ‘विजिट ऑफ UK’ लिखा जाता। इससे पहले जितनी बार भी PM नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे उसे ‘विजिट ऑफ नरेंद्र मोदी’ कहा गया।
‘विजिट ऑफ इंडिया’ कई दिनों की होती है। इसमें कई सेरेमनी होती हैं। जैसे- स्टेट विजिट के समय मेहमानों का स्वागत ‘फ्लाइट लाइन सेरेमनी’ से होता है। एक वेलकमिंग कमेटी होती है, जो रेड कार्पेट के दोनों तरफ खड़ी होती है। इसमें US चीफ ऑफ प्रोटोकॉल, विजिटिंग स्टेट के ऐंबैस्डर, US के ऐंबैस्डर, कमांडिंग जनरल ऑफ जॉइंट बेस एन्ड्रयूज और चीफ ऑफ प्रोटोकॉल होते हैं।
अगले सुबह अराइवल सेरेमनी होती है। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में US प्रेसिडेंट अराइवल सेरेमनी होस्ट करेंगे। इसमें US मिलिट्री अधिकारियों के साथ कुछ खास लोग शामिल होंगे। यहीं 21 तोपों की सलामी दी जाती है।
रात में ह्वाइट हाउस में स्टेट डिनर होता है। मेजबानी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी करते हैं। स्टेट डिनर के के बाद मेहमान हेड ऑफ स्टेट वॉशिंगटन की ऐंबैसी में एक रिटर्न डिनर रखते हैं। जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टेट डिनर के बाद जो बाइडेन को ऐंबैसी में इस रिटर्न डिनर के लिए इनवाइट करेंगे।
मेहमान को रहने के लिए प्रेसिडेंट अपने गेस्ट हाउस ब्लेयर हाउस में इनवाइट करते हैं। यह ह्वाइट हाउस के सामने ये 119 कमरों की इमारत है। जिस देश का मेहमान रहता है बिल्डिंग पर उस देश का झंडा लगा रहता है।
