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Bandhavgarh Tiger Reserve: MP के सबसे बड़े टाईगर रिजर्व में बाघ की मौत, जानिए कैसे हुई बाघ की मौत, इससे पहले कूनो में हो चुकी है 9 चीतों की मौत

by Rakesh Pandey
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भोपाल: मध्य प्रदेश के मशहूर टाईगर रिजर्व बांधवगढ़ (Bandhavgarh Tiger Reserve) से एक बुरी खबर सामने आयी है। यहां सात महीने की मादा बाघ शावक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। यह जानकारी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) एफएस निनामा की ओर से दी गयी। उन्होंने बताया कि बहुत संभावना है कि इस शावक की मौत दूसरे बाघ से लड़ाई के दौरान हुई हो। क्योंकि मृत शावक के शव के पास एक दूसरे बाघ के पैरों के निशान पाए गए हैं। हालांकि विभाग की ओर से इस बाघ शावक के मौत की जांच दूसरे एंगल को आधार बनाकर भी की जा रही है। जांच में सहायता के लिए डॉग स्क्वॉड को लाया गया था। विदित हो कि मध्य प्रदेश को टेश के टाईगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। जहां के अलग अलग टाईगर रिजर्व में कुल 785 बाघ हैं। जो देश के किसी भी राज्य के मुकाबले सबसे अधिक है। वहीं अगर बांधवगढ़ टाईगर रिजरव की बात करें तो यहां 135 बाघ हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर जारी हुए थे आंकड़े:

विदित हो कि पिछले महीने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा देश के अलग अलग राज्यों में रह रहे बाघों का डाटा जारी किया गया था। इसका शीर्षक ‘भारत में बाघों के सह-शिकारियों और शिकार की स्थिति 2022’ है। राज्य सबसे अधिक संख्या की सूची में शीर्ष पर है। यह फिर से बाघ राज्य बन गया था। लेकिन अचानक अब यहां के एक टाईगर रिजर्व में बाघ की मौत पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।

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कूनों में चीतों के मरने के बार अब बाघ के मरने से सरकार पर उठ रहे सवाल:

विदित हो कि मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखे गए चीतों के मौत का सिलसिला लगातार जारी है। यहां पांच महीने में करीब 9 चीतों की मौत हो गयी है। इसकी वजह से यहां चीतों के प्रबंधन पर सवाल उठाए जा रहे थे और सरकार को लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा था। इसी बीच प्रदेश के एक दूसरे टाईगर रिजर्व में बाघ के मौत से सरकार सवालों के घेरे में आ गयी है। विदित हो कि कूनों में चीतों को नामीबिया से लाया गया है। यहां कुल 20 चीते थे जिसमें 9 की मौत हो गयी है इसमें 6 वयस्क जबकि 3 शावक शामिल हैं। विदित हो कि कूनों में प्रोजेक्ट चीता को PM मोदी ने शुरू किया था।

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