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क्या है बप्पा के विसर्जन के विसर्जन की विधि और शुभ मुहूर्त , जानिए

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली : भारत के अनेक भगवान और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना का हिस्सा रहा है, जिनमें बप्पा (भगवान गणेश) की पूजा अद्वितीय महत्व रखती है। इस पूजा में बप्पा का विसर्जन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके दौरान विशेष तरीके से तैयारी की जाती है। 10 दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 28 सितंबर को है। यहां हम आपको बप्पा के विसर्जन की विधि के बारे में जानकारी देंगे और कौन सा शुभ मुहूर्त बप्पा की विदाई के लिए होगा वह भी बताएंगे।
विसर्जन की तारीख: बप्पा के विसर्जन की तारीख हर साल बदलती है और इसे बप्पा के स्थानिक पूजा पंडित या पुरोहित के सुझाव के आधार पर तय किया जाता है। यह विसर्जन दिन होता है जब बप्पा की मूर्ति को गंगा नदी या अन्य जल स्रोत में अंतिम बार स्नान किया जाता है।

विसर्जन का शुभ मुहूर्त: पूजा के बाद बप्पा का विसर्जन चतुर्थी तिथि के दिन ही किया जा सकता है। गणेश चतुर्थी पर गणेश विसर्जन 19 सितंबर, 2023, मंगलवार को किया जा सकता था। वहीं अगर आप दूसरे मुहूर्त पर ध्यान दें तो वह 21 सितंबर 2023, सुबह 06.09 से सुबह 07.39 बजे तक था।

पांचवें दिन का विसर्जन मुहूर्त: 23 सितंबर 2023, सुबह 06.11 से सुबह 07.40 बजे तक, सुबह 09.12 से सुबह 10.40 बजे तक, और दोपहर 01.43 से रात 07.42 बजे तक है।

सातवें दिन का विसर्जन मुहूर्त: 25 सितंबर 2023, सुबह 05.38 से 07.09 बजे तक, सुबह 08.39 से 10.10 बजे तक, दोपहर में 01.11 से 05.43 बजे तक, और शाम 05.43 से 07.12 बजे तक है।

अनंत चतुर्दशी को विसर्जन मुहूर्त: 28 सितंबर 2023, सुबह 06.11 से सुबह 07.40 बजे तक, सुबह 10.42 से दोपहर 03.10 बजे तक, और शाम 04.41 से रात 09.10 बजे तक है।

विसर्जन के पहले बप्पा की करें पूजा

बप्पा के विसर्जन से पहले, भक्त बप्पा की पूजा और अर्चना करते हैं। यह अपने स्थानीय मंदिर या बप्पा के पूजा स्थल पर किया जा सकता है। पूजा में पुष्प, फल, सुपारी, नारियल, चावल, दीपक, धूप, और नैवेद्य शामिल होते हैं। भक्त भगवान गणेश के आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं और उनकी कृपा की आशीर्वाद प्राप्त करने की आशा करते हैं।

यह है विसर्जन की प्रक्रिया

बप्पा के विसर्जन की प्रक्रिया विशेष आयोजन के साथ होती है। भक्त बप्पा की मूर्ति को धूप, दीपक, और सुपारी के साथ उठाकर गंगा नदी या अन्य जल स्रोत में लेकर जाते हैं। यह अंतिम विदाई का मोमेंट होता है और भक्त बप्पा के शुभ आशीर्वाद के साथ उनका विसर्जन करते है। हर कोई बप्पा की विदाई अलग-अलग विधि से करता है।

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घर पर विसर्जन के समय रखें इन बातों का ध्यान :

मिट्टी की छोटी मूर्ति के विसर्जन के लिए घर पर एक आसान तरीका है। आप इस मूर्ति को पानी के टब में विसर्जन कर सकते हैं। मूर्ति को पानी के टब में धीरे-धीरे डालें। मूर्ति को पानी में स्तिथ करने के बाद, ध्यानपूर्वक और श्रद्धापूर्वक विसर्जन करें। इसके बाद, मिट्टी को टब से बाहर निकालें।
स्वच्छता का रखें ध्यान: विसर्जन के समय स्वच्छता का खास ध्यान रखें। यह शांति और पवित्रता के लिए महत्वपूर्ण है।
आशीर्वाद की प्राप्ति: विसर्जन के समय गणपति से फिर से आने के लिए प्रार्थना करें और उनकी कृपा की आशीर्वाद प्राप्त करने की आशा करें।
आचरण और आहार: विसर्जन के समय व्रत रखें और इसके बाद भी शराब, मीट, आदि का सेवन न करें। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान या कुण्ड में बड़ी मूर्ति का विसर्जन किया जा सकता है, और वहां भी स्वच्छता और श्रद्धापूर्वक आचरण का पालन करना चाहिए।
सांस्कृतिक महत्व: बप्पा के विसर्जन का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धर्म का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह एक महत्वपूर्ण त्योहार होता है जिसमें लोग अपने आदर्शों और धर्मिक मूल्यों का पालन करते हैं।

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