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Adityapur Defence Conclave : डिफेंस सेक्टर का मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा आदित्यपुर

Adityapur Defence Conclave : रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने किया MSME डिफेंस कॉन्क्लेव का आगाज

by Mujtaba Haider Rizvi
Adityapur Defence Conclave discussing defence manufacturing hub development
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Jamshedpur : आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया की पहचान अब ऑटोमोबाइल सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगी। अब यह क्षेत्र डिफेंस सेक्टर से भी जुड़ेगा। इसके लिए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कोशिश शुरू कर दी है। इसी को लेकर शुक्रवार को आदित्यपुर के ऑटो क्लस्टर में एमएसएमई डिफेंस कांक्लेव- 2026 का भव्य आगाज हुआ। यह दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को दीप प्रज्ज्वलित कर डिफेंस कॉन्क्लेव की शुरुआत की।

92 से अधिक देशों को निर्यात हो रहे रक्षा उपकरण

उद्घाटन समारोह में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया अब डिफेंस सेक्टर से जुड़ेगा। इससे यहां की कंपनियों को भी फायदा होगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक भारत रक्षा उपकरणों के लिए आयात पर निर्भर रहा। लेकिन, कुछ सालों में हालात बदल गए हैं। अब भारत 92 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। केंद्र सरकार ने रक्षा उत्पादन के लिए तीन लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि साल 2047 तक भारत को विकसित राज्य बनाना है।

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ बोले कि देश में करीब चार करोड़ एमएसएमई हैं। इनमें 14 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। इनमें से 16000 एमएसएमई ही डिफेंस सेक्टर से जुड़े हैं। अब जरूरत है कि अधिक से अधिक एमएसएमई डिफेंस सेक्टर से जुड़ें। आदित्यपुर को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि यहां की जो कंपनियां ऑटोमोबाइल और रेलवे सेक्टर से जुड़ी हैं। वह रक्षा क्षेत्र में भी आसानी से प्रवेश कर सकती हैं।

इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही 15000 से अधिक औद्योगिक इकाइयां

जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन ने बताया कि लगभग 5000 एकड़ में आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया फैला हुआ है। इनमें यहां 15000 औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इन इकाइयों में 50 हजार से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इस कॉन्क्लेव में डीआरडीओ, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस सहित कई प्रमुख रक्षा संस्थानों की भागीदारी है। कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। यहां कुल 62 से अधिक स्टाल लगाए गए हैं। यहां रक्षा उत्पादन से जुड़ी तकनीक का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके अलावा, सेमिनार, मीटिंग और पैनल डिस्कशन भी हो रहे हैं। ताकि, उद्यमियों को रक्षा सेक्टर के बारे में अधिक से अधिक जानकारी दी जा सके।

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