बेंगलुरु : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि वे अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) के बीच चुनावी समझौते से चिंतित नहीं हैं। क्योंकि कर्नाटक की जनता कांग्रेस पार्टी का समर्थन करेगी।
मालूम हो कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पार्टी जनता दल (सेक्युलर) के साथ तालमेल करेगी। इसके बाद ही कर्नाटक के सीएम का बयान सामने आया है।

येदियुरप्पा की इस घोषणा ने राज्य में सियासी तापमान बढ़ा दिया है:
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा की घोषणा के साथ ही कर्नाटक में सियासी पारा चढ़ गया है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए
सिद्धरमैया ने कहा की उनके बीच गठबंधन होगा या वे अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे, मुझे इसकी चिंता नहीं है। हम लोगों से वोट करने की अपील करेंगे। लोग हमारे साथ हैं। वे हमें वोट देंगे। ’’
कर्नाटक की 25 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की थी:
भाजपा ने कर्नाटक में 2019 के लोकसभा चुनावों में 25 सीट पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की थी। कांग्रेस और जद(एस) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की थी।
गौरतलब है कि जद(एस) ने 2019 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ा था।
भाजपा और जद(एस) का साथ आना कोई नई बात नहीं:डीके शिवकुमार
उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस घटनाक्रम को लेकर कहा कि यह कोई नयी बात नहीं है।
डी के शिवकुमार ने कहा, ‘‘उन्हें ऐसा करने दें। क्योंकि पहले भी दोनों पार्टियां ऐसा कर चुकी हैं। तब अशोक अन्ना (भाजपा नेता आर अशोक) और कुमार अन्ना (कुमारस्वामी) पिछली (भाजपा-जद(एस) गठबंधन) सरकार में एक साथ आए थे। वे अपना अस्तित्व बचाने की कोशिश में कुछ भी कर लें। लेकिन, मेरा सवाल यह है कि जद(एस) की विचारधारा कैसे काम करती है? पहले देवेगौड़ा ने भाजपा के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया था।

