Home » Amaravati Capital of Andhra Pradesh: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: अमरावती ही होगी आंध्र प्रदेश की राजधानी

by Rakesh Pandey
Amaravati Capital of Andhra Pradesh
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

पॉलिटिकल डेस्क/Amaravati Capital of Andhra Pradesh: तेलुगु देशम पार्टी टीडीपी के साथ आंध्र की राजनीति में चंद्रबाबू नायडू की वापसी ने अमरावती को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। वहीं 2014 में आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद से राजधानी का स्थान एक विवादास्पद मुद्दा रहा है, जब आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार 2 जून, 2024 तक हैदराबाद को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की साझा राजधानी के रूप में नामित किया गया था।

जबकी टीडीपी द्वारा अमरावती को राजधानी के रूप में फिर से स्थापित करने के संकल्प के साथ पिछले कुछ दिनों में संपत्ति की कीमतों में कथित तौर पर 20 से 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: रियल एस्टेट में तेजी

वही टीडीपी की प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी का कहना है कि अच्छी सरकार होने पर रियल एस्टेट फलेगा-फूलेगा। आपको एक फेस वैल्यू, एक ब्रांड इमेज की भी जरूरत होती है। चंद्रबाबू नायडू की एक फेस वैल्यू है, उनका एक अलग इमेज है, उनका व्यापक सम्मान, भरोसा और विश्वास है। अब जब वे मुख्यमंत्री बन गए हैं, तो न केवल रियल एस्टेट बल्कि हर क्षेत्र शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और उद्योग में भी तेजी आएगी। हम देश में नंबर 1 राज्य बन जाएंगे।

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: जल्द फिर शुरू होगा काम

बीच में अमरावती को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। अब चंद्राबाबू नायडू की तेलुगू देसम पार्टी की जीत के बाद रियल एस्टेट में तेजी आने लगी है। नायडू, जो वर्तमान में नई सरकार में अपनी पार्टी की हिस्सेदारी के लिए बातचीत कर रहे हैं, जल्द ही इसे राज्य की राजधानी बनाने के लिए काम फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: 50,000 करोड़ की बनी थी योजना

चंद्राबाबू नायडू ने शुरू में अमरावती को 50,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से ग्रीनफ़ील्ड राजधानी के तौर पर विकसित करने की योजना बनाई थी, लेकिन राज्य की खराब वित्तीय स्थिति ने प्रगति में बाधा डाली। आलोचकों ने उन पर आरोप लगाया कि वे राज्य को एक सपना बेच रहे हैं, जो अभी भी विभाजन और हैदराबाद के नुकसान से जूझ रहा है।

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: जगन मोहन के सीएम बनने पर रुक गए थे काम

टीडीपी की प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनगरी ये भी कहा की जब जगन मोहन रेड्डी ने 2019 में सत्ता संभाली, तो अमरावती में सभी काम रुक गए, जिससे यह एक भूतहा शहर बन गया। रेड्डी ने विशाखापत्तनम को एक निवेश गंतव्य के रूप में बढ़ावा दिया और इसे कार्यकारी राजधानी घोषित किया, जबकि अमरावती को विधायी राजधानी और कुरनूल को न्यायिक राजधानी बनाया गया।

रेड्डी के विकेंद्रीकरण के दावों के बावजूद इस तीन-राजधानियों के विचार की आलोचना हुई। 4 जून से आंध्र प्रदेश ने आधिकारिक तौर पर हैदराबाद पर अपना अधिकार खो दिया, जिससे शहर की तेलंगाना के हिस्से के रूप में स्थिति मजबूत हो गई।

Amaravati Capital of Andhra Pradesh: काम में बाधा को लेकर वाईएसआरसी की आलोचना

वही टीडीपी के वरिष्ठ नेता कनकमेडला रविंद्रकुमार ने कहा भी की अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी है इसमें कोई दो राय नहीं है। इसका विकास किया जाएगा। 2 जबकि अमरावती के विकास और नायडू द्वारा शुरू की गई अन्य परियोजनाओं में बाधा डालने के लिए वाईएसआरसी सरकार की आलोचना की। वही उन्होंने वाईएसआरसी पर अपने कार्यकाल के दौरान मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया।

 

Read also:- Parliament Security Breach: संसद में फर्जी आधार दिखाकर घुसते हुए पकड़े गए तीन लोग, भेजे गए हवालात

Related Articles