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अमित शाह जल्द शुरू करेंगे ‘सहकार टैक्सी’, ओला-उबर को मिलेगी टक्कर

by Neha Verma
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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही ‘सहकार टैक्सी’ नामक एक नई ऐप-आधारित टैक्सी सेवा शुरू करने जा रहे हैं। इस सेवा का उद्देश्य ओला और उबर जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर देना और टैक्सी चालकों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। ‘सहकार टैक्सी’ को सहकारिता मंत्रालय के तहत लाया जाएगा और इसे सहकारी समितियों के जरिए संचालित किया जाएगा।

क्या है ‘सहकार टैक्सी’ योजना?

‘सहकार टैक्सी’ योजना का मकसद टैक्सी सेवाओं को सहकारी मॉडल के तहत लाकर ड्राइवरों को कंपनियों के शोषण से बचाना है। यह ऐप-आधारित सेवा पूरी तरह से सहकारी समितियों द्वारा संचालित होगी, जिससे टैक्सी चालक स्वयं इसके मालिक होंगे और उन्हें अपने मेहनत का उचित लाभ मिलेगा।

‘सहकार टैक्सी’ की खासियतें:

सहकारी मॉडल:
यह सेवा पूरी तरह से सहकारी समितियों के माध्यम से संचालित होगी, जिसमें टैक्सी चालकों को खुद का मालिकाना हक मिलेगा। इससे वे सीधे मुनाफे में हिस्सेदार होंगे और बाहरी कंपनियों पर उनकी निर्भरता खत्म होगी।

कम कमीशन, ज्यादा कमाई:
जहां ओला और उबर जैसी कंपनियां ड्राइवरों से 20-25% तक कमीशन लेती हैं, वहीं ‘सहकार टैक्सी’ में कमीशन काफी कम होगा। इससे ड्राइवरों को उनकी मेहनत का सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

स्थानीय नियंत्रण और पारदर्शिता:
सहकार टैक्सी सेवा स्थानीय स्तर पर सहकारी समितियों द्वारा चलाई जाएगी, जिससे सेवा की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहेगी। ड्राइवरों और ग्राहकों की जरूरतों के हिसाब से सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित किया जाएगा।

किफायती और सस्ती दरें:
ग्राहकों को किफायती दरों पर टैक्सी सेवा मिलेगी। सहकारिता मॉडल के तहत लाभ कमाने का उद्देश्य नहीं होगा, जिससे यात्रियों को कम किराए पर बेहतर सेवा मिलेगी।

ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा:
ड्राइवरों को इस योजना के तहत सामाजिक सुरक्षा, बीमा और अन्य लाभ मिलेंगे, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार और वित्तीय स्थिरता मिलेगी।


कैसे देगी ओला-उबर को टक्कर?

‘सहकार टैक्सी’ ओला और उबर जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

ड्राइवरों को अधिक लाभ: कम कमीशन और ज्यादा कमाई की वजह से अधिक ड्राइवर इस योजना से जुड़ना चाहेंगे।
ग्राहकों को सस्ती सेवा: कम लागत और सहकारी मॉडल के चलते ग्राहक भी कम किराए पर बेहतर सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय सहकारी समितियों के जरिए इस सेवा में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही होगी।

अमित शाह की रणनीति:

अमित शाह का यह कदम सहकारिता आंदोलन को मजबूती देने और टैक्सी चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस योजना से लाखों ड्राइवरों को फायदा होगा और ग्राहकों को भी किफायती और विश्वसनीय सेवा का लाभ मिलेगा।

कब होगी शुरुआत?

सूत्रों के मुताबिक, ‘सहकार टैक्सी’ सेवा को जल्द ही देशभर में लॉन्च किया जाएगा। शुरुआत में इसे कुछ प्रमुख शहरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा और उसके बाद चरणबद्ध तरीके से देशभर में इसका विस्तार किया जाएगा।


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