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Annapurna Devi on Rahul Gandhi: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का करारा जवाब, ​ हार के डर से संस्थाओं को कमजोर कर रहे राहुल गांधी

विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा। विपक्ष के रुख को राजनीतिक षड्यंत्र बताया।

by Kanchan Kumar
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कोडरमा : शहर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने देश में चल रहे सियासी घमासान को लेकर विपक्ष पर खुलकर निशाना साधा। इन दिनों विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चारों तरफ विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि विपक्ष का यह पूरा हंगामा चुनाव सुधार या जनता के हक की लड़ाई नहीं, बल्कि देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा करने का एक नापाक राजनीतिक षड्यंत्र है।

​सत्ता हासिल करने का शॉर्टकट है विरोध

​कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि विपक्ष का यह पाखंड जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। उनकी यह तथाकथित लड़ाई न तो किसी मतदाता सूची की शुचिता से जुड़ी है और न ही देश के युवाओं के भविष्य से इसका कोई लेना-देना है। यह केवल और केवल देश की शांति भंग कर शॉर्टकट से सत्ता हासिल करने की एक सोची-समझी चाल है।

​उन्होंने कहा कि हमारा लोकतंत्र दुनिया भर में अपनी मजबूती के लिए जाना जाता है, लेकिन चुनावी मैदान में लगातार मिल रही हार से बौखलाया विपक्ष अब देश की नींव हिलाने पर उतारू हो गया है। संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना और उनकी निष्पक्षता पर शक करना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।

​हाथ में संविधान, पर नीयत में वार

​राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने तंज कसा कि वह अपनी रैलियों में हाथ में संविधान की लाल किताब लेकर घूमने का नाटक तो जरूर करते हैं, लेकिन असलियत में वही सबसे ज्यादा संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं। चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठाना इस बात का सबूत है कि विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जनता के जनादेश पर भरोसा नहीं बचा है।
​मंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे विपक्ष के इस बहकावे और राजनीतिक ड्रामे को समझें। उन्होंने साफ किया कि सरकार देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ कोई समझौता नहीं होने देगी और संवैधानिक संस्थाओं पर होने वाले हर वार का पूरी दृढ़ता से मुकाबला किया जाएगा।
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