RANCHI: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने भाजपा और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रचंड बहुमत से चुनी गई सरकार को देशद्रोहियों के बल पर चलने वाली सरकार बताना न केवल संविधान का अपमान है, बल्कि झारखंडी अस्मिता और आदिवासीमूलवासी समाज का भी तिरस्कार है।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड की जनता विशेषकर आदिवासी समुदाय ने भाजपा के खिलाफ स्पष्ट जनादेश दिया था। इसके प्रमाण में उन्होंने बताया कि पिछली विधानसभा में अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित 28 में से 27 सीटों पर इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी विजयी हुए थे। भाजपा और उसके नेताओं की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता अब किसी से छिपी नहीं रही है।
आदिवासियों का उत्पीड़न भाजपा की आदत
बंधु तिर्की ने आदिवासी अधिकारों के मुद्दे पर भाजपा को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पेसा कानून को अडानी समूह के हित में कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगरौली जिले में लाखों पेड़ों की कटाई, हजारों हेक्टेयर वन भूमि का कब्जा और आदिवासी गांवों में पाबंदियां भाजपा शासित सरकारों की दमनकारी नीतियों का उदाहरण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासियों को माओवादी बताकर उत्पीड़न करना भाजपा की आदत बन चुकी है।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोकने का अधिकार केंद्र के पास है और भाजपा नेताओं द्वारा इसे राज्य सरकार पर थोपना केवल राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास है। बंधु तिर्की ने कहा कि नड्डा के बयान सिर्फ राजनीतिक अंक जुटाने का साधन हैं और उनका जनता के मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं।

