सेंट्रल डेस्क: BJP Leader Pandal Gaumutra: मध्य प्रदेश के इंदौर BJP के जिला प्रमुख चिंटू वर्मा ने नवरात्रि को लेकर एक बयान दिया है, जो चर्चा में है। उनका कहना है कि गरबा पंडाल में एंट्री से पहले गोमूत्र पिलाएं। चिंटू वर्मा ने आयोजकों से मांग की है कि पंडाल के भीतर जाने से पहले सभी को गोमूत्र पिलाएं।

गोमूत्र पिलाने के पीछे यह दिया तर्क
इस मामले के पीछे का कारण बताते हुए चिंटू कहते हैं कि अगर कोई हिंदू है, तो उसे गोमूत्र पीने पर कोई आपत्ति नहीं होगी। बयान के पीछे का तर्क पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग इन आयोजनों में शामिल होते हैं, जिससे कुछ खास तरह की चर्चाएं शुरू हो जाती हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हमने आयोजकों से अनुरोध किया है कि वो भक्तों को पंडाल में एंट्री देने से पहले गोमूत्र से आचमन करने के लिए कहें। आधार कार्ड पर बदलाव किया जा सकता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति हिंदू है, तो वो गोमूत्र के आचमन के बाद ही गरबा पंडाल में एंट्री करेगा और इससे इंकार करने का सवाल ही नहीं उठता।
आचमन का अर्थ
हिंदू धर्म में आचमन से तात्पर्य यह है कि किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को शुरू किए जाने से पहले शुद्धिकरण के लिए मंत्रोच्चारण करते हुए पानी का एक घूंट पीना और इसके बाद थोड़ा जल लेकर हाथ धोना। आमतौर पर किसी प्रकार के अनुष्ठान, पूजा-पाठ के दौरान आचमन किया जाता है। पूजा कराने वाले पंडित भी यजमान को आचमन करने के लिए कहते हैं।
शुरू हो गई सियासी बयानबाजी
इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति को हवा दे दी है। कांग्रेस ने कहा है कि यह बीजेपी की ध्रुवीकरण की नई रणनीति है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेता गौशाला की खस्ता हालत पर चुप रहते है। उन्होंने बीजेपी नेताओं से मांग की है कि वे खुद पंडाल में एंट्री से पहले गोमूत्र ग्रहण करें और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करें।
क्या भाजपा में शामिल होनेवालों का भी कराया शुद्धिकरण?
गरबा पंडाल में एंट्री से पहले गोमूत्र का आचमन कराने की बात चर्चा में तो है ही, उधर, एक अन्य खबर में यह भी कहा जा रहा है कि राजस्थान के जयपुर में जब 8 पार्षद कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए, तो उनका शुद्धिकरण भी गोमूत्र छिड़ककर किया गया। गांगाजल और गोमूत्र के मिश्रण को पीने से उन पर लगे कथित भ्रष्टाचार के दाग धुल गए। हालांकि इस चर्चा में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।

