रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सीजीएल परीक्षा में अनियमितता को लेकर राज्यभर के कैंडिडेट्स आक्रोशित हैं। कैंडिडेट्स का आरोप है कि परीक्षा में अनियमितताएं हुई हैं। इसके विरोध में वे सोमवार को जेएसएससी कार्यालय का घेराव करने की संभावना है। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में कैंडिडेट्स के बीच संदेश भेजे गए हैं और हजारों की संख्या में पहुंचने की संभावना हैं। ये देखते हुए पुलिस ने जेएसएससी कार्यालय के आसपास के इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रांची पुलिस ने पुख्ता इंतजाम कर रखा है। नामकुम स्थित जेएसएससी कार्यालय और पहुंचने वाले सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। सुरक्षा में 2500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। वहीं पुलिस ने फायर ब्रिगेड, वाटर कैनन और वज्र वाहन को भी तैनात कर दिया है। जिससे कि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सकेगा। वहीं हिंसक प्रदर्शन से निपटने की पूरी तैयारी है।
हाई सिक्योरिटी जोन किया घोषित
इसके अलावा पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित कर दिया गया है। पुलिस वीडियोग्राफी करा रही है। वहीं इलाके में ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। जेएसएससी कार्यालय से 100 मीटर पहले ही आवागमन पर रोक लगा दिया गया है। वहीं सदाबहार चौक के 500 मीटर दायरे में 20 दिसंबर तक धारा 163 लागू कर दी गई है ।

परीक्षा में हुई गड़बड़ी
कैंडिडेट्स का आरोप है कि 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के परिणाम में केवल 82 कैंडिडेट उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 22 सितंबर को आयोजित परीक्षा के परिणाम में 2149 कैंडिडेट्स को उत्तीर्ण घोषित किया गया। कैंडिडेट्स का कहना है कि कटऑफ जारी नहीं किया गया और कम अंक प्राप्त करने वाले कैंडिडेट्स को भी उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। अनियमितता को लेकर कैंडिडेट्स ने सीबीआई से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि परीक्षा में घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जेएसएससी ने आरोपों से किया इंकार
जेएसएससी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि परीक्षा में कोई अनियमितता नहीं हुई है। आयोग की ओर से कहा गया है कि कैंडिडेट्स द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से यह साबित नहीं होता कि पेपर लीक हुआ था। उन्होंने कहा कि सीजीएल रिजल्ट जारी करने की बात भी गलत है और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए मेरिट लिस्ट जारी की गई है जो 16 से 20 दिसंबर तक चलेगी। राज्य सरकार ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा में अनियमितता के आरोपों की जांच सीआईडी से करने का आदेश दिया है।

