नई दिल्ली, 15 जुलाई: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोयला व्यापारियों से अवैध वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के तीन कर्मचारियों और एक बाहरी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह वसूली CCL की अरगड़ा कोलियरी में कोयला ढुलाई के दौरान की जा रही थी।

मुख्य आरोपी की मासिक कमाई ₹10 लाख के करीब
CBI की जांच में सामने आया कि प्रत्येक कोयला ट्रक से ₹1800 की अवैध वसूली की जा रही थी। मुख्य आरोपी अयोध्या करमाली, जो गिद्दी-A कोलियरी प्रोजेक्ट कार्यालय में मैनेजर के पद पर कार्यरत है, इस अवैध धंधे से प्रतिमाह लगभग ₹10 लाख की कमाई कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल
CBI ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें
• अयोध्या करमाली – गिद्दी-A कोलियरी का प्रोजेक्ट मैनेजर
• मुकेश कुमार – गिद्दी-A कोलियरी में क्लर्क
• प्रकाश महली – CCL कर्मचारी
• विजय कुमार सिंह – कोयला उठाव से जुड़ा बाहरी व्यक्ति (कोल लिफ्टर)
मोबाइल जांच में 7 लाख से अधिक के लेनदेन का खुलासा
CBI की टीम ने विजय कुमार सिंह के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में पाया कि उसने मुकेश कुमार के माध्यम से अयोध्या करमाली को ₹2.03 लाख का भुगतान किया था। वहीं, अन्य कोल लिफ्टरों से प्रकाश महली के खाते में ₹4.98 लाख ट्रांसफर किए गए थे।
6 मार्च को हुई थी छापेमारी, 5 जून को FIR
CBI को कोयला उठाव के दौरान अवैध वसूली की शिकायत मिली थी, जिसके बाद 6 मार्च 2025 को CCL की विजिलेंस टीम के साथ मिलकर गिद्दी कोलियरी में संयुक्त छापेमारी की गई। जांच के दौरान वसूली के प्रमाण मिले। इसके बाद 5 जून को CBI ने FIR दर्ज की, जिसमें CCL के तीनों कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया।
सहयोग न करने पर हुई गिरफ्तार
CBI ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ और जांच में सहयोग नहीं किया, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
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