चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में न्यायालय ने पोक्सो एक्ट के तहत एक युवक को 21 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

एक नाबालिग के साथ जबरदस्ती आरोपी ने दुष्कर्म किया था। इसी मामले में चाईबासा न्यायालय के सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने मामले में सुनवाई के दौरान दोषी निरंजन शर्मा पिता स्व .सरजू शर्मा (निवासी जैतगढ़ थाना जगन्नाथपुर) को पोक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। चाईबासा जिला के जगन्नाथपुर थाना में 20 जूलाई 2020 को दोषी निरंजन शर्मा के खिलाफ एक नाबालिग के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने का मामला दर्ज हुआ था। पीड़ित नाबालिग के परिजनों ने मामला दर्ज कराया था।
नाबालिग का अपहरण कर किया गया था दुष्कर्म
दर्ज मामले में कहा गया था कि आरोपी निरंजन शर्मा के द्वारा पीड़ित नाबालिग का अपहरण कर उसका दुष्कर्म किया गया था। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने नाबालिग को धमकी दी थी कि अगर इस बात को किसी को बताया तो उसकी हत्या कर देंगे और साथ ही उसके परिजनों की भी हत्या कर देंगे। पीड़िता काफी डरी हुई थी। बाद में उसने परिजन को पूरी घटना बताई। इसके बाद उसके परिवार के लोगों ने आरोपी के खिलाफ जगन्नाथपुर थाना में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जुटाए थे सुबूत
तब पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र समिर्पत किया। इसके बाद पोक्सो एक्ट के आरोपी आरोपी निरंजन शर्मा को बुधवार को सजा सुनाई गई।
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