Ranchi (Jharkhand) : अपराध अनुसंधान विभाग (CID), रांची के साइबर क्राइम थाना ने डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में मुख्य आरोपी योगेश सिंह सिसोदिया को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास से संबंधित मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की गई है।
रांची के व्यक्ति से की गई थी 30 लाख रुपए की ठगी
साइबर सेल की पुलिस उपाधीक्षक (DSP) नेहा बाला ने बताया कि यह गिरफ्तारी उन साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम सफलता है, जो खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे बड़ी रकम की ठगी करते थे। उन्होंने बताया कि यह मामला साइबर क्राइम थाना में मामला दर्ज किया गया था। मामला रांची के एक पीड़ित से जुड़ा है, जिसे ठगों ने झांसा देकर 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया था।
अपराधियों ने खुद को बताया था केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी
डीएसपी नेहा बाला के अनुसार, साइबर अपराधियों ने पीड़ित को फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दी और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। भय और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने आरोपित द्वारा बताए गए पंजाब नेशनल बैंक के खाते में 30 लाख रुपये स्थानांतरित कर दिए।
गिरफ्तार अभियुक्त पर देशभर में 10 शिकायतें दर्ज
डीएसपी ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लाभार्थियों, हैंडलरों और बैंक म्यूल खातों की पहचान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त विवरण के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ देशभर में कुल 10 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।

