VARANASI. ट्रेनों में सक्रिय नशाखुरानी गिरोह की सक्रियता के बीच यात्रियों को शिकार बनाये जाने का क्रम जारी है। नया मामला वाराणसी स्टेशन पर सामने आया जब टाटा आ रही जलियांवालाबाग एक्सप्रेस से बेसुध अधेड़ यात्री को उतारा गया। यात्रियों से मिली सूचना और सहयोग से पिंटू मिश्रा को तलाशते वाराणसी स्टेशन पहुंचे परिजन बेहोशी की अवस्था में उन्हें मुगलसराय ले गये और अस्पताल में भर्ती कराया। पिंटू को चार दिन बाद होश आया तब घटना का पता चला कि नशाखुरानी गिरोह के सदस्यों नेटाटानगर स्टेशन पर ही उसे टारगेट किया और नीमडीह में नशा खिलाकर लूट को अंजाम दिया। पिंटू मिश्रा जमशेदपुर के परसुडीह में नामाटोला के रहने वाले हैं।

पिंटू मिश्रा की तबीयत फिलहाल स्थिर है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। परिजनों का कहा है कि जब उन्हें मुगलसराय अस्पताल लाया गया था तब उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। डॉक्टरों ने साफ कर दिया था कि जीवन रक्षा की उम्मीद न के बराबर है। पिंटू मिश्रा ने मीडिया को पूरी घटना की जानकारी दी। बताया कि वह 26 फरवरी 2024 की रात टाटानगर से सासाराम जाने के लिए जलियांवालाबाग एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार हुए थे।
यहां उन्होंने पहले से बैठे लोगों से जगह देने का अनुरोध किया। इनमें एक व्यक्ति ने उन्हें जगह दिया और उससे मेलजोल बढ़ाने लगा। उसने पहले चिप्स खाने को दिया। उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद बातचीत होने लगे। उसी दौरान पता चला कि ये चार लोग है, उन्होंने आपस में नीमडीह में देर तक ट्रेन रुकने के बाद बिस्कुट दिया। मना करने के बाद भी उन्होंने एक बिस्कुट ले लिया। उसके खाने के कुछ देर बाद ही उन्हें बेहोशी का अहसास हुआ। तब तक उन लोगों ने उसे खिड़की किनारे की सीट दे दी। इसके बाद क्या हुआ उन्हें कुछ नहीं पता। होश आया तो उन्होंने मुगलसराय अस्पताल में खुद को पाया।
नशे में सासाराम स्टेशन पर उतारे गए, फिर चढ़ने में हादसे का शिकार होते-होते बचे
बनारस स्टेशन पर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिंटू मिश्रा सासाराम स्टेशन पर नीचे उतर गये थे। वह नशे की हालत में लग रहे थे। ट्रेन के चलते ही उन्होंने फिर से चढ़ने का प्रयास किया और वह दरवाजे पर लटक गये। उनके पैर प्लेटफॉर्म पर छूट रहे थे। किसी तरह एक यात्री ने उन्हें ऊपर खींचा और प्लेटफॉर्म से कुछ लोगों ने धक्का देकर ट्रेन पर चढ़ा दिया। नशे की हालत में उन्होंने बताया कि वह कोचस खेरी गांव के रहने वाले है। इसके बाद उस युवक ने उनका फोटो और वीडियो वायरल कर वहां रहने वाले अपने दोस्त को भेजा। इसके बाद गांव के लोगों ने ट्रेन के यात्रियों से संपर्क कर उन्हें बनारस में उतराने की सलाह दी।

