गोरखपुर : दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) के हिंदी और पत्रकारिता विभाग में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर, उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानंद डिजिटली युवा सशक्तिकरण योजना और हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग ने मिल कर मेधावी विद्यार्थियों को नकद राशि, टैबलेट और पुस्तक सम्मान के तौर पर दी। इस समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पूनम टंडन, बैंक ऑफ़ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक सचिन वर्मा, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
73 विद्यार्थियों को वितरित किए गए टैबलेट
इस कार्यक्रम के दौरान बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा एमए में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा प्रज्ञा मिश्रा को 11,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की गई। वहीं, द्वितीय पुरस्कार के रूप में पीयूष यादव को 7,500 रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस दौरान 73 विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद डिजिटल युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट वितरित किए गए।

हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा और पत्रकारिता विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन में अपनी बेहतरीन नाट्य प्रस्तुति के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय की नाट्य टीम को सम्मानित किया, जिसने उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। इस टीम में शामिल कई विद्यार्थी, जैसे गर्विता, अक्षत, लाभांश, सक्षम, तनीषा, सुधांशु आदि, इस सम्मान समारोह में शामिल हुए और उन्हें पुस्तक भेंट करके सम्मानित किया गया।
कुलपति ने की समारोह की अध्यक्षता
समारोह की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस तरह के आयोजनों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे अन्य विद्यार्थियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा, “आज के विद्यार्थी ही कल के समाज हैं, और इन्हें प्रोत्साहित करना समाज और देश को समृद्ध बनाने में मदद करता है।”
प्रो. टंडन ने आगे कहा, “राजभवन में हमारे विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक ने सभी का दिल छुआ और यह साबित कर दिया कि हमारे विद्यार्थी असाधारण प्रतिभा के मालिक हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में ऐसे विद्यार्थियों को और भी बेहतर सांस्कृतिक मंच उपलब्ध कराएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह से माता-पिता अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस करते हैं, ठीक उसी तरह विश्वविद्यालय को भी अपने विद्यार्थियों की सफलता पर गर्व है।
उन्होंने पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि विकसित देशों में लोग टेक्नोलॉजी के बावजूद लोग किताबें पढ़ते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर अक्सर लोग मोबाइल से ज्यादा पुस्तक पढ़ते हुए नजर आते हैं। “हमारा उद्देश्य इस तरह की संस्कृति को बढ़ावा देना है,” उन्होंने कहा।
बैंक ऑफ बड़ौदा का उद्देश्य राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देना
बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक सचिन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बैंक का उद्देश्य राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देना और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करना है। उन्होंने बताया कि हिंदी पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बैंकिंग सेक्टर में रोजगार की कई संभावनाएं हैं, और राजभाषा अधिकारी के रूप में उन्हें बेहतरीन अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने वित्तीय सुरक्षा के महत्व पर भी चर्चा की और कहा कि आज के दौर में वित्तीय समझदारी बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को चेतावनी दी कि वे साइबर धोखाधड़ी से बचें और किसी भी बैंकिंग समस्या के समाधान के लिए सीधे अपनी नजदीकी शाखा में संपर्क करें
इनकी रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम में गोरखपुर विश्वविद्यालय के कई सम्मानित शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही, जिनमें प्रोफेसर कमलेश कुमार गुप्त (विभागाध्यक्ष), प्रोफेसर अनिल राय (आभार ज्ञापन), प्रोफेसर राजेश मल्ल, प्रोफेसर विमलेश मिश्रा, डॉ. रजनीश चतुर्वेदी, डॉ. अखिल मिश्र, डॉ. रितु सागर, डॉ. नरगिस बानो, डॉ. प्रियंका नायक, डॉ. अपर्णा पांडेय, डॉ. रामनरेश राम, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ. संदीप यादव, अभय शुक्ल आदि शामिल थे। इस कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. सुनील कुमार ने किया।

