चाईबासा/Death of Matrix: सीआरपीएफ 197 बटालियन चाईबासा में श्वान मैट्रिक्स का 23 जून को बीमारी के बाद निधन हो गया। मंगलवार को बटालियन के कमांडेंट प्रवेश कुमार जोहरी, अधिकारी व जवानों ने गार्ड आफ आनर के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। कमांडेंट जोहरी ने बताया कि श्वान मैट्रिक्स का जन्म 17 अगस्त 2014 को हुआ एवं बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त 24 सितंबर 2015 को सारंडा एवं कोल्हान के घनघोर जंगल के अतिनक्सल प्रभावित क्षेत्र थलकोबाद, बलिबा, जम्बाईबुरु, किरीबुरु, करमपदा में परिचालिक आपरेशनों को सफल बनाने के लिए तैनात किया गया था।
परिचालिक ड्यूटी के दौरान आइईडी प्रभावित क्षेत्रों में अपना बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देते हुए संभावित खतरों को टालते हुए तैनात जवानों की जान बचाने में बहुत ही अहम भूमिका निभाई। सारंडा एवं कोल्हन जंगल के पतातोरोब, तुम्बाहाका एवं सरजामबुरू परिक्षेत्र में नव पदास्थापित एफओबी कैम्प की स्थापना में श्वान मैट्रिक्स ने परिचालिक ड्यूटियों के दौरान लगभग 284 किलो की 33 आईईडी, राईफल 303 के 39 जिन्दा कारतूस, देशी निर्मित बन्दूक एक एवं 10 खाली खोखे इत्यादि बरामद करने में बहुत ही महत्वपूर्ण ड्यूटियों का निर्वहन किया।
वर्तमान में श्वान को सरजामबुरू में परिचालिक ड्यूटी के लिए तैनात किया गया था। उसी दौरान 9 मई को अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया जिसके बाद इलाज के लिए बटालियन मुख्यालय लाया गया। चाईबासा में बेहतर चिकित्सा के लिए पशु चिकित्सालय सदर चाईबासा में ले जाया गया। इलाज कर रहे चिकित्सक ने मैट्रिक्स के स्वास्थ्य में कोई सुधार न देखते हुए उच्च बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर किया लेकिन उपचार के दौरान ही मैट्रिक्स का देहान्त हो गया।
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