Dhanbad : डिजिटल अरेस्ट मामले में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से 10 लाख 50 हजार रुपए की ठगी करने वाले अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अपराधी की गिरफ्तारी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हुई है।
ठगी में शामिल दूसरे आरोपियों के नाम के भी खुलासे
गिरफ्तार अपराधी ने किया है। पुलिस उन अपराधियों तक पहुंचने में जुटी है। वहीं पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही ठगी में शामिल अपराधी सलाखों के पीछे होंगे।
साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट
ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने साइबर थाना में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 8 जनवरी को प्रतिष्ठित निजी स्कूल के रिटायर्ड 73 वर्षीय टीचर सेबेस्टियन होरो, जो कि टुंडी थाना क्षेत्र के गादी के रहने वाले हैं को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया था। दो दिनों तक अपराधी उसे डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर उनके ही घर में कैद कर रखा था।
मनी लॉन्ड्रिंग में दी थी फंसाने की धमकी
शिक्षक को ईडी और सीबीआई जैसी उच्च जांच एंजेसियों के व्हाट्सएप पर दस्तावेज अपराधियों ने भेजे थे। मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी। व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से टीचर को घर से बाहर निकलने पर पुलिस द्वारा अरेस्ट करने की धमकी दी जा रही थी। जिसके बाद साइबर ठगों से परेशान होकर टीचर ने दो बार 10 लाख 50 हजार रुपए अपराधियों को ट्रांसफर किए थे। पीड़ित टीचर द्वारा 8 जनवरी को इस मामले में साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले को लेकर एक एसआईटी का गठन किया गया। टेक्निकल एक्सपर्ट के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की गईं। जानकारी के आधार पर साइबर पुलिस भोपाल पहुंची। यहां से ठगी में शामिल एक अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अपराधी का नाम 26 वर्षीय अरुण अहिरवार है। पुलिस ने उसके पास एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किया है, वह मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का रहने वाला है।
गिरफ्तार अपराधी ने अपने नाम से फर्जी दस्तावेज के आधार पर खुलवाई गई अलग अलग कंपनियों के नाम पर करंट अकाउंट और अपने नाम से बचत अकाउंट में से एक इंडियन बैंक खाता में चेक के माध्यम से 5 लाख रुपए की निकासी की और अपने साथियों के बीच बांट दी।
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