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Koderma Crime News: फर्जी सीबीआई कोर्ट में वर्चुअल पेशी करा कर दंपती को किया डिजिटल अरेस्ट, उड़ा लिए 51 लाख रुपए

by Anand Mishra
फर्जी सीबीआई कोर्ट में वर्चुअल पेशी करा कर दंपती को किया डिजिटल अरेस्ट, उड़ा लिए 51 लाख रुपए
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Koderma (Jharkhand) : जिले में साइबर अपराध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ठग अब ऐसे नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिनका अंदाजा आम लोगों को लगाना भी मुश्किल साबित हो रहा है। मनी लांड्रिंग का हवाला देकर कोडरमा थाना क्षेत्र निवासी रिटायर्ड बैंक कर्मी सुरेश प्रसाद गुप्ता और उनकी पत्नी से 51 लाख रुपये ठग लेने का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे साइबर क्राइम का बड़ा उदाहरण बताते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, सीबीआई अधिकारी और न्यायालय से जुड़ा अधिकारी बताते हुए दंपती को वीडियो काल के जरिए दो दिनों तक ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में रखा। इसके बाद बैंक खातों, एफडी, गोल्ड, शेयर समेत तमाम वित्तीय जानकारी लेकर मध्य प्रदेश के एक खाते में 51 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। तीन दिन बाद पीड़ित ने कोडरमा थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है।

जागरूकता से ही बचाव संभव : एसपी

पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने कहा कि जिले में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर ठग लॉटरी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी ऑफर जैसे नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अपने बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी को न दें। अनजान लिंक, ई-मेल या एप्स तुरंत डिलीट करें। एसपी ने बताया कि किसी भी प्रकार की ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि नुकसान रोकने की संभावना बनी रहे।

कैसे किया साइबर ठगों ने जाल में बंद

पीड़ित सुरेश प्रसाद गुप्ता के अनुसार एक महिला ने फोन कर कहा कि उनके आधार से नया मोबाइल नंबर और बैंक खाता खुला है जिसमें अवैध लेन-देन हुआ है और इसमें उनकी संलिप्तता सामने आई है। इसके बाद तीन अलग-अलग नंबरों से फोन आया और खुद को दिल्ली पुलिस एवं सीबीआई के अधिकारी बताया। दंपती को लगातार वीडियो काल पर रखा गया। किसी से बात करने तथा मोबाइल बंद करने की भी अनुमति नहीं दी गई। ठगों ने कहा कि सीबीआई एसपी समाधान पवार और दिल्ली पुलिस अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और फिलहाल उन्हें हाउस अरेस्ट पर रखा गया है।

फर्जी जज, फर्जी कोर्ट और गिरफ्तारी का डर

विगत दो दिसंबर की सुबह वीडियो कांफ्रेंस के नाम पर पीड़ित को कथित सीबीआई कोर्ट के जज के सामने पेश किया गया। फर्जी कोर्ट में दंपती पर मनी लांड्रिंग के आरोप बताए गए और कैश, एफडी, गोल्ड व शेयर की जानकारी मांगी गई। आदेश का पालन न करने पर गिरफ्तारी और वारंट जारी करने की धमकी दी गई। पीड़ित ने डर कर अपनी सभी एफडी तोड़ कर बैंक खाते में जमा करा दी। इसके बाद ठगों के कहने पर 51 लाख रुपये मध्य प्रदेश के सेंधवा स्थित एक खाते में ट्रांसफर कर दिए, जिसका नाम पतिमो पीएम इस्टेट्स एलएलपी बताया गया है।

सावधान रहें, जागरूक बनें : पुलिस

पुलिस का कहना है कि जिले के लोगों को अधिक सावधान और जागरूक होने की आवश्यकता है, क्योंकि ठग अब तकनीकी तरीके से दिमागी दबाव बनाकर पैसे उड़ा रहे हैं।

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