दिल्लीः बीते 8 महीने से किसान शंभू बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर बैठे है। दोपहर 1 बजे से 101 किसानों का जत्था दिल्ली के लिए रवाना होने के लिए जुटा हुआ है। किसान आंदोलन को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे है।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि किसानों के पैदल जा रहे समूह की हरियाणा पुलिस के साथ टकराव हो गई, जिसके बाद उन्हें वापस आने को कहा गया है। इस टकराव में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसकी वजह से 6 लोगों के घायल होने की खबर है। एक घंटे बाद किसान यूनियन के सभी नेता बैठक करेंगे और पैदल मार्च के भविष्य की रणनीति तय करने के लिए पीसी कॉन्फ्रेंस बुलाई जाएगी।
किसान को किया गया डिटेन
उधर, शंभू बॉर्डर पर किसानों ने जब आगे बढ़ने की कोशिश की, तब उन्होंने बैरिकेड की एक लेयर को हटा दिया और आगे बढ़ने लगे। इस दौरान किसानों को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस घटना में हरियाणा पुलिस ने एक किसान को डिटेन कर लिया।
7 लेयर सुरक्षा की गई व्यवस्था
पंजाब-हरियाणा बॉर्डर से किसान दिल्ली चलो आंदोलन शुरू कर रहे है, जिसमें शंभू बॉर्डर पर 13 फरवरी 2024 से धरना पर बैठे किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली के बिना पैदल ही दिल्ली की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे है। सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर लगा दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली है।
क्या कहा हरियाणा के मंत्री ने
बता दें कि पंजाब के पटियाला और हरियाणा के अंबाला को जोड़ने वाली शंभू बॉर्डर है। किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज का कहना है कि क्या उन्होंने अनुमति ली है? बिना अनुमति के उन्हें दिल्ली जाने की अनुमति कैसे दी जा सकती है? अगर उन्हें अनुमति मिलती है, उन्हें इजाजत दी जा सकती है।
इंटरनेट सेवाएं भी की गई ठप
किसान आंदोलन को देखते हुए अंबाला में आज से 9 दिसंबर तक इंटरनेट की सेवाएं भी ठप्प कर दी गई है। प्रदेश सरकार की ओर से आदेश जारी किए गए है, जिसमें कहा गया है कि अंबाला के गांवों डंगदेहरी, लोहगढ़, मानकपुर, डडियाना, बारी घेल, लहर्स, कालू माजरा, देवी नगर, सद्दोपुर, सुल्तानपुर और काकरू के क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।

