इंफाल : मणिपुर की आग अब धीरे धीरे पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों मे फैलती जा रही है। मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अब मिजोरम में जातीय तनाव की आशंका बढ़ गई है। हालांकि अभी यहां किसी प्रकार से किसी भी समुदाय को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यहां रहने वाले मैतेई समुदाय के करीब 10 हजार लोगों ने दहशत की वजह से पलायन शुरू कर दिया है। वे मणिपुर और असम वापस लौट रहे हैं। दरअसल, मिजोरम के पूर्व उग्रवादी संगठन पामरा ने मिजोरम में रहने वाले मैतइयों के लिए चेतावनी संदेश जारी किया।
ऐसे में सुरक्षा पर खतरा महसूस करते हुए मैतेई यहां से पलायन करने लगे हैं। वे मणिपुर व असम पहुंच रहे हैं। हालांकि मिजोरम सरकार ने उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया है। लोगों को इस पर भरोसा नहीं हो रहा। 24 जुलाई को कुकी समुदाय के समर्थन मे होने वाली है रैली मैतइयों में डर की मुख्य वजह है।
आइजोल में बने चार बटालियन कैंप :
मिजोरम से मैतइयों को सुरक्षित निकालने के लिए मणिपुर सरकार ने रविवार से (23 जुलाई) आइजोल (मिजोरम) और सिलचर (असम) के लिए दो स्पेशल फ्लाइट सर्विस शुरू करने का फैसला किया। वहीं मिजोरम सरकार ने मैतेइयों की सुरक्षा के लिए राजधानी आइजोल में चार बटालियन कैंप बनाए हैं। मणिपुर-मिजोरम सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
सरकार ने पामरा से की बात :
वहीं मिजोरम में रह रहे मैतेई समुदाय में फैले डर को देखते हुए मिजोरम सरकार ने पामरा संगठन से बातचीत की। इस पर पामरा की ओर से कहा गया कि हमने मिजोरम में रहने वाले मैतेइयों को जाने के लिए कभी नहीं कहा है। वे खुद जा रहे हैं। वहीं मिजोरम सरकार ने कहा कि वे इस पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी मानें तो अब तक करीब 12 हजार कुकी पलायन कर मणिपुर से मिजोरम में आ चुके हैं।
इस लिए मिजोरम के मैतई समाज में डर :
मणिपुर घटना के विरोध व कुकी जनताती के समर्थन में 24 जुलाई को कुकी समर्थक मिजो संगठनों की ओर से रैली का आह्वान किया गया है। इस रैली से मैतेइयों में डर है। इस वजह से ही वह मिजोरम छोड़ रहे हैं। मिजोरम से मैतेई समुदाय के लोग बड़ी संख्या में आइजोल एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं।
मणिपुर दो और लड़कियों से हुआ था बलात्कार
मणिपुर में महिलाओं पर हुई बर्बरता की लगातार खबरें सामने आ रही हैं। अब खबर आयी है कि जिस दिन की दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया था। उसी दिन दो और लड़कियों से भी गैंगरेप हुआ था। उनकी हत्या भी कर दी गई थी। 4 मई को हुई पहली घटना कांगपोकपी जिले में हुई थी,जबकि दूसरी घटना इसी जिले में सिर्फ 40 किमी की दूरी पर हुई। FIR के मुताबिक, दोनों लड़कियों का पहले सामूहिक बालात्कार किया गया फिर उन्हें टॉर्चर कर मार दिया गया।
इस घटना में 100-200 लोगों के मौजूद होने का जिक्र है। इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। दोनों लड़कियों की उम्र 21 और 24 साल बताई जा रही है। इस मामले में FIR 16 मई को दर्ज करवाई गई है।

