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देश के 12 प्रतिशत मसाले गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं

by Rakesh Pandey
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नयी दिल्ली : Food Safety and Standards Authority of India : भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा की गई जांच के परिणाम चौंकाने वाले हैं। देश के दो प्रमुख मसाला ब्रांड एमडीएच और एवरेस्ट के मसालों के लगभग 12 प्रतिशत नमूने गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। यह जांच विदेशी देशों द्वारा इन मसालों की क्वालिटी पर सवाल उठाने के बाद की गई थी।

हांगकांग ने तो एमडीएच और एवरेस्ट ब्रांडों के कुछ लोकप्रिय मसाला मिश्रणों की बिक्री को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, ब्रिटेन ने भारत से सभी मसालों के आयात पर नियंत्रण कड़ा कर दिया, जबकि न्यूजीलैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने इन ब्रांडों से संबंधित मुद्दों की जांच की बात कही।

जांच में पाया गया है कि कीटनाशकों के उच्च स्तर के कारण इन मसालों को गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतारा गया है। यह एक गंभीर मुद्दा है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। एमडीएच और एवरेस्ट ने कहा है कि उनके उत्पाद उपभोग के लिए सुरक्षित हैं। लेकिन जांच के परिणामों को देखते हुए, यह बयान सवालों के घेरे में है। भारत मसालों का सबसे बड़ा निर्यातक, उत्पादक और उपभोक्ता है, और ये मसाले यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका में बेचे जाते हैं। इसलिए, इस मुद्दे का हल निकालना बहुत जरूरी है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने कहा है कि वह गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगी। यह एक सकारात्मक कदम है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस जांच के परिणामों के बाद, एमडीएच और एवरेस्ट जैसी कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही, सरकार को भी इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने एक बयान में रॉयटर्स को बताया कि उसने जिन मसालों का परीक्षण किया, उनके ब्रांडों के अनुसार विवरण नहीं है, लेकिन वह गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाली कंपनियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

रॉयटर्स के ओपन रिकॉर्ड्स अनुरोध में उन सभी सैंपल की रिपोर्ट मांगी गई थी जो परीक्षण में विफल रहे, लेकिन एजेंसी ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें उपलब्ध नहीं हैं। जायन मार्केट रिसर्च के अनुसार, 2022 में भारत के घरेलू मसाला बाजार का मूल्य 10.44 अरब डॉलर था। मार्च में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में मसालों और मसाला उत्पादों का निर्यात रिकॉर्ड 4.46 अरब डॉलर था।

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