गुमला: चैनपुर पुलिस ने चौकीदार हत्याकांड में संलिप्त पूर्व माओवादी सदस्य सोमरा उरांव को तिगांवल मोड से गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया। चैनपुर सर्किल इंस्पेक्टर बैजू उरांव ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार सोमरा उरांव वर्ष 2007 में चैनपुर थाना के चौकीदार जोसेफिन कुजूर हत्याकांड में संलिप्त था।
माओवादियों द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया था। चौकीदार की हत्या मुखबिरी करने के कारण की गई थी।
वर्ष 2007-08 में माओवादी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए चैनपुर डुमरी एवं कुरुमगढ़ इलाके के माओवादियों द्वारा की गई घटनाओं में संलिप्त रहता था।
सोमरा उरांव के खिलाफ चैनपुर एवं डुमरी थाने में विस्फोटक पदार्थ रखने, आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट जैसे सात मामलों में मामला दर्ज है। इसके खिलाफ न्यायालय के द्वारा सात स्थाई वारंट भी जारी किया जा चुका है। कई घटनाओं में संलिप्त रहने के बाद पुलिस की लगातार दबिश के कारण वह घटना के बाद से जिलाबदर हो गया । उसने पुलिस से बचने के लिए दिल्ली को चुना और वहीं मजदूरी करने लगा।
गुमला बहुत कम आने लगा। इधर सितंबर माह में ही वह दिल्ली से अपना गांव रातू जामटोली आया हुआ था । ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पहले सूचना की पड़ताल की। सूचना सही पाए जाने के बाद एक छापामारी दल का गठन कर उसे गिरफ्तार किया गया। तिगावल मोड़ के समीप पुलिस ने दबोचा।
हालांकि पुलिस को देखकर वह भागने का प्रयास किया था। लेकिन पुलिस की तत्परता छापेमारी दल में चैनपुर सर्किल इंस्पेक्टर बैजू उरांव, थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह, पुआनि मुकेश कुमार, आरक्षित दीपक कुमार एवं आरक्षी प्रवेश कुमार आदि शामिल थे।

