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मधुमिता हत्याकांड में दोषी पूर्व मंत्री अमरमणि और मधुमणि त्रिपाठी 20 साल बाद जेल से रिहा

by Rakesh Pandey
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सेंट्रल डेस्क : उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि 20 साल के बाद जेल से रिहा हो गए हैं। इसके बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। पूर्व मंत्री के आवास महाराजगंज के नौतनवां कस्बे में समर्थकों की भारी भीड़ लगी हुई है। समर्थक एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर व ढोल बजाकर जश्न मना रहे हैं। मालूम हो कि कवयित्री मधुमिता शुक्ला के हत्या के मामले में 24 अक्टूबर 2007 को देहरादून की विशेष अदालत ने अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

देशभर में चर्चित रहा था यह मामला

यह हत्याकांड देशभर में काफी चर्चित रहा था। अब पति, पत्नी दोनों इस मामले में रिहा हो चुके हैं। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि लगभग बीते 20 सालों से जेल में बंद थे। हालांकि, जेल के अंदर दोनों का आचरण अच्छा रहा। जिसके कारण समय से पहले दोनों की रिहाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दोनों की बाकी की सजा को माफ कर दिया गया है।

24 अक्टूबर 2007 को सुनाई गई थी सजा

इस चर्चित मामले में 24 अक्टूबर 2007 को देहरादून की विशेष अदालत ने दोनों पति-पत्नी (अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि त्रिपाठी) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उनके समर्थकों में मायूसी छा गई थी। समर्थकों द्वारा जेल से रिहाई की मांग की जा रही थी। वहीं, 18 अप्रैल 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने लोअर कोर्ट के द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद 13 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट में अच्छे बर्ताव के चलते सजा में माफी को लेकर दया याचिका दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उसपर सुनवाई करते हुए 21 नवंबर 2022 को रिहाई का आदेश दिया।

रिहाई नहीं होने पर मधुमणि फिर सुप्रीम कोर्ट में वाद दायर किया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रिहाई नहीं मिलने पर मधुमणि ने फिर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना का वाद दायर किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश के कारागार प्रशासन ने पत्नी मधुमणि और पति अमरमणि को जेल से रिहा करने का आदेश दिया है।

रिहाई के बाद अमरमणि के बेटे ने क्या कहा

रिहाई के बाद पूर्व मंत्री अमरमणि के बेटे अमन मणि अपने माता-पिता को देखकर काफी भावुक हो गया। इस दौरान उन्होंने संविधान, अदालत और देश की जनता को शुक्रिया करते हुए कहा कि संविधान ने जो अधिकार दिया है, वो हमें मिला। मैं बीते 20 सालों से बिना मां-पिता के यह लड़ाई लड़ रहा था। आज मेरे लिए काफी खुशी का दिन है।

रिहाई होने के बाद दोनों अस्पताल में भर्ती

रिहाई होने के बाद दोनों पति-पत्नी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। बेटा अमन मणि ने बताया कि अभी माता-पिता की तबीयत ठीक नहीं है। इस वजह से वे दोनों अभी कुछ दिनों तक चिकित्सक की निगरानी में रहेंगे। दोनों को भर्ती कराया गया है। आगे चिकित्सक जो कहेंगे उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। कहा जा रहा है कि जब से पति-पत्नी को सजा सुनाई गई तब से ही दोनों का अधिकांश समय तबीयत खराब रही। इस कारण से दोनों का समय जेल से ज्यादा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुजरा। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड की दूसरी मंजिल पर दोनों पति-पत्नी का अधिकतर समय गुजरा है। यहीं पर दोनों का इलाज चलता था।

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मधुमिता शुक्ला की बहन ने किया रिहाई का विरोध

मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने हिराई का विरोध किया है। निधि के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी 14 साल से जेल की जगह अस्पताल में रहे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से आठ सप्ताह में जवाब-तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला से कहा कि अगर हम आपसे सहमत होंगे तो वापस उन्हें जेल भेज देंगे।

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