सेंट्रल डेस्क। Mahadev Online Gaming App: महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप (Mahadev Online Gaming App) के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर का दुबई में नजरबंद होना एक चर्चित घटना बन गया है। सौरभ की नजरबंदी दुबई से लेकर भारत में चर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस ऐप के चलते ही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ा था।


विधानसभा चुनाव के समय सामने आया था घोटाला
छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में होने वाली गतिविधियों के बाद, सौरभ चंद्राकर का महादेव ऐप घोटाला सामने आया। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय के अनुरोध पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर जारी किया गया है। इसके बाद उसे दुबई में नजरबंद कर लिया गया है। दुबई में नजरबंद सौरभ चंद्राकर को भारत सरकार दुबई से भारत लाने की कोशिशों में लगी है। इस मुद्दे में होने वाली घटनाएं ने ऑनलाइन गेमिंग एप पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
घर में ताला लगाकर नजरबंदी
खबरों की मानें तो सौरभ चंद्राकार को दुबई में जिस घर में नजरबंद किया गया है, वहां बाहर से ताला लगा दिया गया है। इस बात का अंदेशा था कि नजरबंद किए जाने के बाद खुला छोड़न पर सौरभ चंद्राकर कभी भी भाग सकता है। नजरबंदी वाले घर में ताला बंद कर देने से सौरभ के कहीं भागने का खतरा कम हो सकता है। भारत सरकार के अनुरोध पर यूएई के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए थे।
शुरू कर दी गई है भारत लाने की प्रक्रिया
महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के फरार होने के बाद भारत की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के तहत दूसरे देशों में भी उसे पकड़ा जा सकता था। अब रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात ने सौरभ के खिलाफ एक्शन लिया है और उसे दुबई में नजरबंद किया गया है। यह खबर आयी है कि उसके भारत लाने का रास्ता भी साफ हो गया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
क्या है महादेव ऐप घोटाला (Mahadev Online Gaming App)?
महादेव ऐप घोटाले में Mahadev Online Gaming App के प्रमोटर के खिलाफ सोशल वर्कर प्रकाश बैंकर ने कई बार शिकायत की थी, जिस पर मुंबई मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने पुलिस को इस मामले की जांच का आदेश दिया था। बता दें कि जांच का आदेश 6 नवंबर 2023 को जारी हुआ था।
इस मामले में महाराष्ट्र जुआ रोकथाम और आईपीसी के तहत दर्ज एफआईआर की गई थी। उनकी शिकायत के अनुसार साल 2019 से इस ऐप के जरिए 15,000 करोड रुपए की धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई। अपनी शिकायत में उन्होंने आगे कहा की इस सिंडिकेट ने क्रिकेट मैचों में हेरफेर करने की कोशिश की है, जिससे सौरभ चंद्राकर और उसके सहयोगियों की कमाई हर रोज करोड़ों में डील होती थी।
कॉल सेंटर के जरिए चला कारोबार
बता दें कि Mahadev Online Gaming App का कारोबार कॉल सेंटर के जरिए चला करता था। इसके करीब 30 कॉल सेंटर खोले गए थे जिसके 1200 ब्रांच होने का दावा किया गया था। वहीं App का कारोबार भारत के छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में चल रहा था।
भारत में Mahadev Online Gaming App की एंट्री सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के दो करीबी मित्र अनिल दम्मानी और सुनील दम्मानी की मदद से हुई। बता दे कि रवि उप्पल इस घोटाले में सौरभ चंद्राकर का पार्टनर इन क्राइम था।
Gaming App से हर महीने 90 करोड़ रुपये कमाई का दावा
इस Gaming App के माध्यम से हर महीने 90 करोड़ रुपए की कमाई का दावा किया गया था और यह ब्रांचेस और कॉल सेंटर्स अपने नेटवर्क को बढ़ाने में लगे थे। इसके जरिए क्रिकेट मैचों में हेरफेर करके और जुआ खेलकर उन्होंने अपनी धनवानी बढ़ाई थी, जो देशभर में सुर्खियों में रही। वहीं इस घोटाले के सामने आते ही बॉलीवुड की कई हस्तियों और कई सेलिब्रेटी का नाम सामने आया था।
यह घटना ने महाराष्ट्र जुआ रोकथाम और आईपीसी के तहत दर्ज एफआईआर की गई है और इसमें कई सभी राज्यों के प्रमुखों और उच्चाधिकारियों को शामिल किया गया है। वहीं इस घटना ने समाज में बड़ी उथल-पुथल मचा दी है।
READ ALSO: इजरायली दूतावास के पास बम ब्लास्ट की खबर को पुलिस ने बताया अफवाह

