बेंगलुरु : कर्नाटक की एक्टिविस्ट और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या (Gauri Lankesh Murder case) के दो आरोपी जब जेल से बाहर आए, तो उनका स्वागत फूल-माला से किया गया। जमानत पर रिहा हुए दो आरोपियों का भव्य स्वागत किया गया। लंकेश हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपी बेंगलुरु के अग्रहारा जेल में बंद थे।

इन दो आरोपियों के स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हिंदू समर्थक समूह द्वारा इनके गृहनगर में शॉल व फूल-माला से स्वागत किया गया। गौरी लंकेश हत्याकांड में आरोपी परशुराम बाघमेर और मनोहर यादवे को 9 अक्तूबर को सेशन कोर्ट ने जमानत दी गई, इसके बाद 11 अक्टूबर को दोनों जेल से बाहर आए।
आरोपियों के बाहर आते ही उनका स्वागत फूल-माला पहनाकर और नारंगी शॉल ओढ़ाकर किया गया। इसके बाद दोनों ने कालिका देवी मंदिर में पूजा की। इसके बाद शिवाजी महाराज की मूर्ति पर भी पुष्पमाला अर्पित की। पत्रकार की हत्या के दोनों आरोपियों के लिए धार्मिक अनुष्ठान का भी आयोजन किया गया।
कौन थीं गौरी लंकेश
1962 में जन्मीं गौरी लंकेश कन्नड़ पत्रकार और साप्ताहिक टैबलॉयड लंकेश पत्रिका के संस्थापक पी लंकेश की बेटी थीं। कलम की सिपाही गौरी लंकेश की 55 वर्ष की उम्र में दो आरोपियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 5 सितंबर 2017 को हत्यारों ने उन पर 7 गोलियां चलाईं, जिनमें से तीन गोली उन्हें लगी।
गौरी लंकेश की हत्या से कुछ घंटे पहले एक कार्टून पोस्ट की गई थी, जिसमें राजा की वेशभूषा में एक आदमी एक जनेऊधारी को कूड़ेदान में डाल रहा है औऱ साथ ही लिखा था- स्वच्छ केरल, हैप्पी ओणम। लंकेश की इस पोस्ट को जातिवाद प्रथा को आहत करने वाला समझा गया और इसी के कुछ घंटे बाद उनके आवास के बाहर उनकी हत्या कर दी गई।
दिसंबर 2023 में कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस मामले में जल्द सुनवाई करने के लिए कोर्ट को आदेश दिया। इसके बाद घटना में शामिल दो आरोपियों को जमानत दी गई। कई आरोपियों से पूछताछ और खोजबीन के बाद परशुराम बाघमेर के अलावा कई और लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी हिंदू जनजागृति समिति से जुड़े थे। हत्या के बाद से ही पूरे देश में आक्रोश था। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए। गौरी कट्टर हिंदू विचारधारा की आलोचक थीं।

