Giridih : गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र के कारी पहाड़ी के जंगल में अधजली हालत में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह शव डुमरी थाना क्षेत्र की रहने वाली शाहिना परवीन का था। शाहिना के पति जाबिर अंसारी ने प्रेमिका के साथ शादी में रोड़ा बन रही अपनी पत्नी को कारी पहाड़ी ले जाकर मौत के घाट उतार दिया था और उसके बाद शव को जलाकर सबूत मिटाने का भी प्रयास किया था।

शाहीन परवीन के पिता के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच की तो सारी कहानी सामने आ गई। इसके बाद पुलिस ने घटना में शामिल पति और मृतका की सास के अलावा अन्य तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गिरिडीह में प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस ने बताया कि अज्ञात शव की पहचान के दौरान ही पता चला कि डुमरी थाना में एक महिला की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज हुई है। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति राहुल अंसारी को बुलाया गया तो उन्होंने शव की पहचान अपनी बेटी शाहिना परवीन के तौर पर की। तब पुलिस ने शाहिना परवीन हत्याकांड की तहकीकात शुरू की और मृतका की सास जैबुन्निसां और पति जाबिर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
इनसे पूछताछ की गई तो जाबिर अंसारी ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि वह शाहिना परवीन को कारी पहाड़ी पर ले गया था और वहां हत्या कर लाश जला दी थी। इस घटना में जाबिर अंसारी के साथ बगोदर के बेको का रहने वाला शराफत अंसारी और निमियाघाट थाना के करमाटोंगरी का रहने वाला वकील अंसारी और गुड्डू के अलावा दो किशोर भी शामिल थे।
प्रेमिका के कहने पर बनाया था पत्नी की हत्या का प्लान
जाबिर अंसारी ने पुलिस को बताया कि उसका रिश्ते की एक युवती से प्रेम संबंध चल रहा था। वह उस युवती से शादी करना चाहता था। लेकिन, शाहिना परवीन इसमें रोड़ा बन रही थी। शाहिना परवीन रोज अपने पति से इसी बात को लेकर झगड़ा करती थी। इसीलिए जाबिर अंसारी ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया।
शराफत को दी थी ₹50000 में हत्या की सुपारी
जाबिर ने इस घटना को अंजाम देने के लिए योजना में शराफत अंसारी को शामिल किया। शराफत जाबिर के साथ मुंबई में काम करता था। जाबिर ने हत्या की इस घटना को अंजाम देने के बदले शराफत अंसारी को ₹50000 की सुपारी दी। इसमें से ₹5000 पेशगी के तौर पर शराफत को दिए गए। इस रकम को शराफत ने अपनी मां के पास भेज दिया।
दोस्त के साथ मिलकर बनाई थी शाहिना की हत्या की योजना
बाद में जाबिर अंसारी और शराफत अंसारी मुंबई से मुंबई मेल के जरिए पारसनाथ उतरे। यहां से शराफत अपने घर बेको चला गया। जबकि जाबिर महतो होटल में रुक गया। इसके बाद रात 9:00 बजे शराफत वापस आया और जहां घटना को अंजाम देना था। वहां सभी पहुंचे। यहां रेकी की गई कि किस तरह शाहिना परवीन की हत्या की जाएगी और लाश कहां डाली जाएगी।
शॉपिंग कराने के बहाने मां के साथ पत्नी को बुलाया बगोदर
इसके बाद दोनों बगोदर के होटल में रुक गए। जाबिर अंसारी ने पुलिस को बताया कि उसकी शाहिना परवीन से आठ महीने से बातचीत बंद थी। लेकिन हत्या की योजना तैयार करते ही जाबिर ने पत्नी से फोन पर बातचीत शुरू कर दी थी। जब जाबिर बगोदर आ गया तो उसने पहले अपनी मां को फोन किया और फिर पत्नी को यह कहते हुए बगोदर बुलाया कि यहां अच्छा कपड़ा मिलता है। मां के साथ आ जाओ। इसके बाद शाहिना परवीन जाबिर अंसारी की मां के साथ बगोदर आ गई।
गला दबाकर की गई थी शाहिना परवीन की हत्या
शॉपिंग कराने के बहाने जाबिर शाहिना परवीन को घटनास्थल पर ले गया और वहां घटना को अंजाम दिया। जाबिर अंसारी ने बताया कि शाहिना परवीन का गला दबाकर उसकी हत्या की गई और उसके बाद वहां मौजूद गड्ढे में शव को डाल जलाकर सभी लोग फरार हो गए। जाबिर घटना के अगले दिन फ्लाइट से मुंबई भाग गया था।

