RANCHI: गोमिया में हाथियों के हमले में दो निर्दोष लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए रिम्स में एडमिट कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री योगेंद्र महतो रिम्स पहुंचे। जहां उन्होंने इलाज करा रहे घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिया कि घायलों को किसी भी स्तर पर इलाज में कमी न हो। साथ ही बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि चारों बच्चे और एक महिला खतरे से बाहर हैं। उनका इलाज लगातार जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार घायलों के संपूर्ण इलाज का खर्च वहन करेगी।
मृतकों को 4 लाख का मुआवजा
इसके बाद दोनों मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के भीतर 4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राशि से अपनों की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सरकार हर संभव मदद के लिए उनके साथ खड़ी है।
हाथियों के आतंक पर जताई चिंता
मौके पर हाथियों के बढ़ते आतंक को लेकर दोनों मंत्रियों ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि मानव और प्रकृति के बीच बिगड़ते संतुलन का संकेत है। जंगलों का सिमटना, मानवीय विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण वन्यजीव आबादी की ओर बढ़ रहे हैं। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना समय की जरूरत है। वहीं मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के सुख-दुख में साथ खड़ा रहना उनका कर्तव्य है।
डालसा प्रतिनिधि ने किया सहयोग
बोकारो के गागपुर महुवाटांड़ में हाथियों के अचानक हमले से एक ही गांव के 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में बोकारो से घायलों को रिम्स रेफर किया गया। रिम्स में डालसा के लीगल एड क्लिनिक में पदस्थापित प्रतिनिधि अनिता यादव ने सूचना मिलते ही सभी घायलों को एडमिट कराकर इलाज शुरू कराया। घायलों में राहुल कुमार, आयुश कुमार, राखी कुमारी, शांति, सुषमा कुमारी शामिल है।


