गोरखपुर : गोरखपुर जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ ने कमाई के अब तक के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। पिछले मंगलवार को बना एक दिन की सर्वाधिक कमाई का रिकॉर्ड इस मंगलवार फिर टूट गया। पिछली बार जहां एक करोड़ 10 लाख की कमाई हुई थी, वहीं इस बार यह कमाई बढ़कर एक करोड़ 20 लाख हो गई है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह जनरल टिकटों की बिक्री का बढ़ना है। जनरल काउंटर से करीब 35 हजार लोगों ने टिकट खरीदी। गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2015 में 14 जून को तीसरी सबसे बड़ी कमाई एक करोड़ छह लाख की कमाई हुई थी।

32 जोड़ी ट्रेनों में बढ़े साधारण श्रेणी के 75 कोच
जनरल टिकट के यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर सहित प्रमुख स्टेशनों से चलने वाली 32 जोड़ी ट्रेनों में साधारण श्रेणी के 75 कोच लगाए गए हैं। आने वाले दिनों में सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोचों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जाने के साथ गोरखपुर से मुंबई के बीच जनरल कोचों वाली दो अंत्योदय ट्रेनों की शुरुआत का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 22922 नंबर की अंत्योदय मंगलवार की सुबह 03:25 बजे बांद्रा के लिए तथा 12597नंबर की अंत्योदय सुबह 08:30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के लिए रवाना होती हैं. इन दोनों ट्रेनों के पकड़ने के लिए पूर्वांचल ही नहीं बिहार के हजारों यात्री भी गोरखपुर पहुंचते हैं।
प्रतिदिन गुजरतीं हैं 200 ट्रेनें
रेलवे के आकंड़ों के हिसाब से गोरखपुर जंक्शन पर प्रतिदिन लगभग एक लाख यात्री आवाजाही करते हैं। प्रतिदिन करीब 200 इस रूट से होकर चला करतीं हैं। त्योहार और सहालग का मौसम खत्म होने के बाद पूर्वांचल और बिहार के कामगार वापस मुंबई लौटने लगे हैं। ऐसे में कई लोगों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पा रहा। वेटिंग टिकटों की बिक्री भी बंद हो गई है। ऐसे में जनरल टिकटों की बिक्री बढ़ी है।
एनएसजी-1 केटेगरी दर्जा प्राप्त है Gorakhpur Junction
गोरखपुर के स्टेशन डायरेक्टर जय प्रकाश सिंह के अनुसार गोरखपुर जंक्शन को एनएसजी- 1 (नान सबअर्बन ग्रेड- 1) केटेगरी का दर्जा प्राप्त हुआ है. दुनिया का दूसरा सबसे लंबे प्लेटफार्म (1333.66 मीटर) वाला गोरखपुर जंक्शन अगले पांच वर्ष के लिए भारतीय रेलवे स्थित देशभर के 28 प्रथम श्रेणी वाले स्टेशनों में शामिल हो गया है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाएं लगातार बढ़ाई जा रही हैं। प्लेटफार्म नंबर एक पर भी जनरल काउंटर और आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगा दी गई हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोचों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तथा अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह अहम निर्णय लिया गया है।
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