गोरखपुर : उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जल्द ही राज्य के सबसे उन्नत एस्ट्रोनॉमी और स्पेस साइंस सेंटर के रूप में उभरने जा रहा है। शनिवार को उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ इस काम का शिलान्यास करेंगे। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का 46.87 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिसमें 8K गुणवत्ता वाला देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्शन डोम स्थापित होगा।
नया नक्षत्रशाला: इंटरएक्टिव स्पेस गैलरी और 8K डोम थिएटर
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए गाजियाबाद की मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। कंपनी को 11.02 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और अगले 10 दिनों में निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश जारी किया गया है।
मुख्य आकर्षण होंगे
- 17 मीटर व्यास का नया 8K प्रोजेक्शन डोम, जो लखनऊ के मौजूदा डोम से बड़ा होगा।
- अत्याधुनिक 2D और 3D प्रोजेक्शन सिस्टम, जिससे दर्शक वर्चुअल अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव ले सकेंगे।
- 4 हाई-टेक प्रोजेक्टर, जो विश्व स्तरीय एस्ट्रो डोम थियेटर के समकक्ष होंगे।
- एक इंटरएक्टिव अंतरिक्ष गैलरी, जहां ग्रहों, उपग्रहों और स्पेस मिशन से जुड़ी जानकारी रोचक ढंग से प्रस्तुत की जाएगी।
2026 तक पूरा होगा निर्माण, जारी हुई पहली किस्त
परियोजना की कुल लागत 46.87 करोड़ रुपये है, जिसमें से 41.72 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की जा चुकी है। 19 सितंबर 2024 से नक्षत्रशाला का संचालन बंद है और अब 4 नवंबर 2026 तक इसका निर्माण कार्य पूरा किया जाना है।
पुरानी तकनीक हो चुकी है अप्रासंगिक, आ रहा है अत्याधुनिक स्वरूप
2005 में स्थापित इस विज्ञान केंद्र को अब तक 11 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं, लेकिन उपकरण पुराने हो चुके हैं और उनके स्पेयर पार्ट्स भी उपलब्ध नहीं हैं। इस वजह से लंबे समय से इसका रखरखाव नहीं हो पा रहा था।
अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण इसे पूर्वांचल के विद्यार्थियों और विज्ञान प्रेमियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

