स्पेशल डेस्क : Happiest Country: UN ने वर्ल्ड हैपिनेस रिपोर्ट को पब्लिश कर दिया है। इस रिपोर्ट में देशभर के खुशहाल देशों की एक लिस्ट जारी की जाती है। फिर एक बार फिनलैंड (Finland) ने इस लिस्ट में टॉप किया है। टॉप 10 देशों में डेनमार्क, आइसलैंड, स्वीडन और फिनलैंड शामिल हैं। 2020 के बाद से जब से अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हुआ है, देश हैपिनेस के मामले में पिछड़ा है।

पहली रिपोर्ट से लेकर अब तक अमेरिका और जर्मनी दुनिया की टॉप 20 हैपी कंट्रीज में अब नहीं है। इस साल दोनों की रैंक 23 और 24वें नंबर पर है। कोस्टा रिका और कुवैत ने अपनी रैंक में सुधार करते हुए टॉप 20 में जगह बनाई है। कोस्टा रिका 12 और कुवैत 13 वें नंबर पर है।
भारत का स्थान (Happiest Country)
इसमें रिपोर्ट में भारत 126वें स्थान पर है। वहीं, आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान सूची में 108वें नंबर पर है। ये पहली बार है जब अमेरिका और जर्मनी जैसे बड़े देश टॉप 20 में भी शामिल नहीं हैं। सर्वे में अमेरिका को 23वां स्थान मिला है, जबकि 24वें स्थान पर जर्मनी है। इसी के साथ कोस्टा रिका और कुवैत 20 सबसे खुशहाल देशों में शामिल हुए हैं।
कैसे तय होती है Happiest country की पहचान
कौन-सा देश, कितना खुश और कौन-सा देश ज्यादा या कम खुश है, ये कई चीजों पर निर्भर करता है। रैंकिंग खुशी को मापने के लिए छह प्रमुख कारकों का उपयोग करती है – सामाजिक समर्थन, आय, स्वास्थ्य, स्वतंत्रता, उदारता और भ्रष्टाचार की अनुपस्थिति।
फिनलैंड 7वीं बार बना सबसे खुशहाल देश
फिनलैंड ने दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट में लगातार 7वीं बार टॉप किया है। यह महज 55 लाख की आबादी वाला देश है। वहीं, 143 देशों में से अफगानिस्तान को लिस्ट में आखिरी स्थान मिला है। रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे खुशहाल देशों में ज्यादातर देश यूरोपीय हैं।
अफ्रीकी देश रहते हैं सबसे दुखी
143 देशों की इस लिस्ट में सबसे नीचे यानी सबसे दुखी देश अफगानिस्तान है। इससे पहले युद्धग्रस्त लेबनान को 142वें नंबर पर रखा गया है। इस रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला हिस्सा अफ्रीकी देशों को लेकर है। वर्ल्ड हैप्पिनेस इंडेक्स की इस रिपोर्ट में अफ्रीकी देशों को निचले स्थानों पर रखा गया है।
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