

वाशिंगटन: अमेरिका के मध्य स्थित हवाई के माउई द्वीप के जंगल में इन दिनों भीषण आग लगी है। इसकी विकरालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आग की चपेट में आने से 67 लोगों की मौत हो चुकी है और कई बुरी तरह झूलस चुके हैं जिनका इलाज चल रहा है। वहीं इस भीषण आग की चपेट में आने से लाहैना शहर की 1000 से ज्यादा इमारतें जल कर खाक हो चुकी हैं।

सरकार की ओर से अपने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि लाहैना की आग पर अभी तक काबू नहीं पाया गया है और इसे बूझाने का काम जारी है। इस संबंध में हवाई के गर्वनर जाश ग्रीन ने बताया कि 16 लाख की आबादी वाले लाहैना शहर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है। इस तबाही के बाद शहर को फिर से खड़ा करने में कई साल और अरबों रुपए लग जाएंगे।

गवर्नर के मुताबिक, ‘1961 में एक समुद्री लहर में 61 लोगों की मौत हुई थी। लेकिन इस भीषण आग में मौत का आंकड़ा इसके पार पहुंच गया है। ऐसे में यह अब तक सबसे भीषण आपदा में एक माना जा रहा है।

बाइडन ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को इसे Hawaii में लगे आग को आपदा घोषित करते हुए राहत व बचाव कार्यों के लिए फंड जारी किया। सेना ने 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
Hawaii की आग पर काबू:
अमेरिकी सरकार की मानें तो Hawaii की आग पर अब धीरे धीरे आग पर काबू पाया जा रहा है। लेकिन आग से उठने वाले धुएं के कारण हेलिकाप्टर पायलट को बचाव कार्य में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद एक तटरक्षक ने 50 से ज्यादा लोगों को बचाया है। वहीं शहर में पिछले 24 घंटे से बिजली नहीं है इसकी वजह से 11 हजार लोग अंधेरे में रात गुजारने पर मजबूर हैं ।
जान बचाने के लिए समुद्र में कूदे 100 से अधिक लोग:
अमेरिकी कोस्ट गार्ड कमांडर एजा किरक्सके की मानें तो इस अंग्निकांड से बचने की कोशिश में 100 से ज्यादा लोगों के समुद्र में कूदने की आशंका है। ऐसे में माना जा रहा है कि हताहत होने वाले लोगों की संख्या में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
