लखीमपुर खीरी : विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और संघर्ष की मिसाल पेश करते हुए गोला गोकर्णनाथ निवासी रितिक गुप्ता ने जेल में रहते हुए पीसीएस प्री परीक्षा पास की। दहेज हत्या के आरोप में जिला कारागार में बंद रितिक ने यह साबित कर दिया कि किसी भी कठिनाई के बावजूद अगर इरादा मजबूत हो तो सफलता हासिल की जा सकती है।

रितिक के पिता कुलभूषण गुप्ता एक निजी फर्म में काम करते हैं, जबकि उनकी मां कंचन गुप्ता और बहन प्रिया भूषण गुप्ता का कहना है कि रितिक अप्रैल 2021 से अपनी पत्नी की दहेज हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। इस कठिन समय में भी रितिक ने अपनी उम्मीदें नहीं छोड़ीं और जेल में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं किया और न ही परिस्थिति से हार मानी। इसके बजाय, उन्होंने अपना ध्यान अपने लक्ष्य पर केंद्रित रखा और सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ।
बहन बोली- परिवार ने हमेशा रितिक पर किया है विश्वास
रितिक गुप्ता ने बैंकिंग सेक्टर में मैनेजर के रूप में काम किया था, लेकिन आज वह एक प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी बहन प्रिया ने बताया कि उन्होंने अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए वकालत की ओर रुख किया है और साथ ही वह पीसीएस जे की तैयारी भी कर रही हैं। उनका कहना है कि परिवार ने हमेशा रितिक पर विश्वास किया है और ईश्वर और कानून में पूरा भरोसा रखा है।
रितिक ने जेल में रहकर पीसीएस 2024 की प्रारंभिक परीक्षा को पास किया, और 28 फरवरी को रिजल्ट देखकर उनके परिवार के सदस्यों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। रितिक को एक मेधावी छात्र होने के साथ-साथ एक कवि भी माना जाता है। वर्ष 2012 में उनका नाम गिनीज बुक में सबसे लंबे लोकगीत के लिए दर्ज हुआ था।
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