चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के 27 बच्चे मानव तस्करों के जाल में फंस गए हैं। बच्चों को नेपाल के काठमांडू में बंधक बनाए जाने की जानकारी देते हुए उनके परिजनों ने जिले के उपायुक्त चंदन कुमार से गुहार लगाई है। परिजनों की शिकायत के बाद नेपाल में फंसे नाबालिग बच्चों के मामले पर डीसी चंदन कुमार ने संज्ञान लिया है। उन्होंने एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो को मामले की जांच का आदेश दिया है।
पुलिस टीम ने रंगामाटी गांव पहुंचकर शुरू की जांच
एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो, एसडीपीओ बहामन टुटी और मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार के साथ एक टीम मंगलवार को मामले की जांच के लिए बच्चों के गांव पहुंची। अधिकारियों ने चाईबासा के सदर प्रखंड स्थित पंडावीर पंचायत के रंगामाटी गांव पहुंचकर जांच शुरू की।
धर्म परिवर्तन कराने के लिए बच्चों का सिर मुड़वाया
तबलीगो में 11 बच्चों को नेपाल ले जाया गया था, जबकि जगन्नाथपुर और सोनुवा प्रखंड से भी बच्चों को ले जाने की बात सामने आ रही है। टोटल 27 बच्चे को नेपाल में के काठमांडू ले जाकर धर्म परिवर्तन कराने के लिए सिर मुड़वाया गया था। दो बच्चे नेपाल से किसी तरह भागकर अपने गांव पहुंचे हैं। जिन्होंने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी।
गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक मचा हड़कंप
परिजनों द्वारा बच्चों के नेपाल से भाग कर आने की बात गांव में लोगों को बताने के बाद गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया।
गौरतलब है कि झारखंड में मानव तस्करी की समस्या गंभीर है। वर्ष 2023-24 में राज्य में कुल 78 मानव तस्करी के मामले दर्ज किए गए, जिसमें 282 लोग शिकार हुए। झारखंड पुलिस ने इन मामलों में 257 लोगों का रेस्क्यू कर निकाला, जिनमें 173 युवक और 84 युवतियां एवं महिलाएं शामिल थीं।
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