Jamshedpur News : जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के शिक्षा विभाग में प्रशासनिक अव्यवस्था का एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां कई विद्यालयों में ऐसे वरिष्ठ शिक्षक सेवा दे रहे हैं, जिन्हें हाल ही में प्रोन्नति मिली है, लेकिन वे अब भी अपने कनिष्ठ सहयोगियों के अधीन कार्य करने के लिए बाध्य हैं। यह स्थिति तब है जब इसी वर्ष जनवरी माह में जिले के सौ से अधिक प्राथमिक शिक्षकों को ग्रेड-4 में प्रोन्नति प्रदान की गई थी।

प्रोन्नति के बाद भी प्रभार नहीं सौंप रहे कनिष्ठ शिक्षक
जानकारी के अनुसार, प्रोन्नति के पश्चात काउंसलिंग के माध्यम से इन शिक्षकों की पदस्थापना जिले के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों में की गई थी। विडंबना यह है कि कई विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में कार्यरत शिक्षक, ग्रेड-4 में प्रोन्नत हुए शिक्षकों से कनिष्ठ हैं। इन कनिष्ठ शिक्षकों द्वारा अब तक वरिष्ठ शिक्षकों को प्रभार नहीं सौंपा गया है। बताया जाता है कि जब किसी वरिष्ठ शिक्षक ने प्रभार लेने की इच्छा जताई भी, तो कनिष्ठ शिक्षकों द्वारा जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) कार्यालय से आदेश पत्र लाने की बात कहकर मामले को टाल दिया गया। इस कारण, वर्तमान में भी जिले के अनेक प्राथमिक विद्यालयों में कनिष्ठ शिक्षक ही प्रभारी बने हुए हैं और वरिष्ठ शिक्षकों को उनके निर्देशों का पालन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
Jamshedpur News : डीएसई ने मांगी थी विद्यालयों और कनिष्ठ प्रभारियों की सूची, नहीं मिली रिपोर्ट
इस स्थिति की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) द्वारा जिले के सभी क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारियों (REO) को एक पत्र लिखा गया था। इस पत्र के माध्यम से ऐसे विद्यालयों और प्रभारी शिक्षकों की सूची सौंपने का निर्देश दिया गया था। यह पत्र बीते 21 मई को जारी किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी डीएसई कार्यालय को यह अपेक्षित सूची प्राप्त नहीं हुई है।
प्रोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कई शिक्षक इंतजार में
यह भी ज्ञात हुआ है कि प्रोन्नत शिक्षकों को उचित पदस्थापन नहीं मिल पाने के कारण अभी भी कई शिक्षकों को प्रोन्नति नहीं दी जा सकी है। जिले में बड़ी संख्या में प्राथमिक शिक्षक अब भी प्रोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वरीयता सूची पर क्षेत्रीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (RDDE) और जिला शिक्षा स्थापना समिति की स्वीकृति पहले ही प्राप्त हो चुकी है। इस संबंध में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से डीएसई से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए डीएसई द्वारा सभी आरईओ को निर्देश भी जारी किए गए थे। हालांकि, संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी आरईओ द्वारा डीएसई कार्यालय को अब तक सूची नहीं सौंपी गई है।
Read Also- Ghatsila News : जल्द होगी 44,750 प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों की बहाली : मंत्री

