Jamshedpur : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के कदमा-लिंक रोड के पास से अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी का अब तक पुलिस पता नहीं लगा सकी है। कैरव गांधी का 13 जनवरी को उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह बिष्टुपुर के सर्किट हाउस स्थित अपने आवास से बिष्टुपुर की तरफ बैंक जाने के लिए निकले थे। पुलिस अब तक कैरव गांधी को बरामद नहीं कर सकी है। इसके चलते जमशेदपुर पुलिस की खूब किरकिरी हो रही है।


इस अपहरण की घटना को लेकर रविवार को झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा जमशेदपुर पहुंचीं। डीजीपी ने शहर की विधि व्यवस्था को लेकर शहर के विभिन्न रूट का निरीक्षण किया। डीजीपी ने उस स्थल को भी देखा जहां से युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण होने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि कदमा-सोनारी लिंक रोड के पास कैरव गांधी का अपहरण किया गया।
डीजीपी ने ली पुलिस जांच की प्रगति की जानकारी
घटनास्थल पर डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों से जांच की प्रगति की जानकारी ली और उन्हें जरूरी दिशा निर्देश दिए। इसके बाद, डीजीपी एसएसपी आवास पहुंचीं। यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उन्होंने एक मीटिंग की।
सूत्र बताते हैं कि इस मीटिंग में उन्होंने एसएसपी पीयूष पांडे को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द कैरव गांधी को सकुशल बरामद किया जाए। मीटिंग में उन्होंने पुलिस की अब तक की हुई जांच। तकनीकी साक्ष्य और आगे की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया।
उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिया कि क्षेत्र में जो भी संदिग्ध गतिविधियां हों उन पर नजर रखी जाए। पत्रकारों से बात करते हुए एसएसपी पीयूष पांडे ने कहा कि यह डीजीपी का औपचारिक दौरा था। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने संगठित अपराध और नशे के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शहर को अपराध और नशा मुक्त बनाने को लेकर विशेष रणनीति पर जोर दिया है। साथ ही कैरव गांधी अपहरण मामले में जरूरी टिप्स दिए हैं। एसएसपी से जब कैरव गांधी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई भी जानकारी उजागर करने से पुलिस की तफ्तीश पर असर पड़ सकता है। इसलिए इस बारे में वह कोई जानकारी नहीं देंगे।

