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The Photon News Exclusive : बारीडीह में गुपचुप तरीके से बहुमंजिला इमारत में निर्माण शुरू, जानें क्यों कार्रवाई नहीं कर पा रही JNAC : Jamshedpur Map Deviation

Jharkhand Hindi News : कई बार जेएनएसी ने सील की है बिल्डिंग, कांग्रेस नेता ने फेसबुक लाइव कर सीएम से पूछा सवाल

by Mujtaba Haider Rizvi
Jamshedpur Map Deviation
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Jamshedpur Map Deviation : जमशेदपुर : लौहनगरी में अवैध नक्शा विचलन वाली इमारतों को लेकर जेएनएसी सवालों के घेरे में है। जेएनएसी के अधिकारियों की नाक के नीचे शहर में धड़ल्ले से अवैध इमारतें बनाई जा रही हैं। बारीडीह में मिथिला कॉलोनी में एक कई साल से अवैध तरीके से इमारत बनाई जा रही है। जेएनएसी इसे कई बार सील कर चुका है। मगर, हर बार इस इमारत में गुपचुप तरीके से काम शुरू हो जाता है। हाल ही में इस इमारत में फिर काम शुरू कर दिया गया है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ने फेसबुक लाइव कर इस इमारत में चल रहे निर्माण कार्य से जेएनएसी व जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करते हुए सीएम तक से सवाल पूछा है। उनका प्रश्न है कि आखिर इस इमारत में निर्माण कार्य किसके इशारे पर शुरू किया गया है।

बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग जेएनएसी के नक्शे का उल्लंघन कर बनाई जा रही है। इस इमारत में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। बिजली का सरकारी पोल भी इमारत परिसर के अंदर कर लिया गया है। इस इमारत को जेएनएसी ने 16 जून 2022, 28 अप्रैल 2023, छह मई 2023 और 24 जनवरी 2024 को सील किया था। जब भी जेएनएसी सील करता है, कुछ दिन बाद सील तोड़ कर इसमें काम शुरू कर दिया जाता है। इस इमारत में अब फिर काम शुरू है।

जमशेदपुर में बड़े पैमाने पर इमारतों में नक्शा विचलन है। बिल्डर जेएनएसी से दो या तीन मंजिला इमारत का नक्शा पास कराते हैं। मगर, निर्माण चार-पांच मंजिल तक कर लिया जाता है। प्रशासनिक मिलीभगत की वजह से बिल्डरों का यही ट्रेंड हो गया है। जमशेदपुर, मानगो या जुगसलाई की शायद ही कोई इमारत ऐसी हो जिसमें नक्शा विचलन नहीं हुआ हो। यह स्थिति तब है जब नगर विकास विभाग ने जेएनएसी में नक्शा विचलन पर निगरानी के लिए इंजीनियरों की तैनाती की है। मगर, यह इंजीनियर भी नक्शा विचलन पर ध्यान नहीं देते हैं। इसी के चलते

मानगो में भी बन गईं कई इमारतें

मानगो में भी इस तरह की कई इमारतें हैं जिनमें नक्शा विचलन था। इन इमारतों के नक्शा विचलन को लेकर मानगो नगर निगम ने कार्रवाई की थी। मानगो थाने के सामने कांग्रेस के एक नेता की इमारत थी। इसके अलावा, मानगो में जवाहर नगर रोड नंबर 12 और 13 के बीच में पीपल के पेड़ के पास एक इमारत को सील किया गया था। इन दोनों इमारतों के बिल्डर के खिलाफ मानगो थाने में केस भी कर दिया गया था क्योंकि, सील होने के बाद भी इनमें काम चालू था। मगर, अब यह दोनों इमारतें बन कर तैयार हो गई हैं और फ्लैट बेचे जा रहे हैं। इन इमारतों में फ्लोर का विचलन है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुरू की गई कार्रवाई

साकची, बिष्टुपुर, बाराद्वारी इलाके की 24 इमारतों के खिलाफ 15 जनवरी को हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया था। जेएनएसी को इन इमारतों को एक महीने के अंदर तोड़ने को कहा गया था। जेएनएसी के अधिकारी आई वाश के लिए तब इन इमारतों पर दो फरवरी को कार्रवाई करने पहुंचे जब बिल्डर सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके थे। वहां से आदेश पारित हो चुका था। क्योंकि, दो फरवरी को जेएनएसी की कार्रवाई शुरू होने के कुछ घंटो में ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश जेएनएसी के अधिकारियों तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने जेएनएसी की कार्रवाई को रोकने का आदेश जारी किया था। इस घटना की शहर में खूब चर्चा हुई। लोग कह रहे थे कि बिल्डर व जेएनएसी के अधिकारियों का तालमेल देखिए। कार्रवाई होते ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ गया। आशंका जताई जा रही है कि बिल्डर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।

वहां से आदेश पारित होने के बाद ही जेएनएसी ने दिखावे के लिए कार्रवाई शुरू की और आदेश आते ही यह एक्शन बंद हो गया। क्योंकि, जानकार बताते हैं कि अगर, कार्रवाई शुरू होने के दिन बिल्डर सुप्रीम कोर्ट जाते तो उसी दिन आदेश नहीं आ पाता। सुप्रीम कोर्ट में केस की प्रक्रिया में भी समय लगता है।

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