Jamshedpur : जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र के जोजोबेड़ा रेलवे फाटक के सामने 12 मई साल 2016 को जमीन कारोबारी संजीव सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस मामले के आरोपी झामुमो नेता दुबराज नाग और मृतक के चचेरे भाई जितेंद्र सिंह को अदालत ने सोमवार को दोषी करार दिया है। यह मामला एडीजे पांच मंजू कुमारी की अदालत में चल रहा था। अब सजा के बिंदु पर 23 जनवरी को निर्णय सुनाया जाएगा।
यह आरोपी कर दिए गए बरी
इस हत्याकांड में अन्य आरोपी मंगल टुडू, चित्रो सरदार, मिथुन चक्रवर्ती, डोमिनिक सौमसंग, मोहन कच्छप, सरफुद्दीन अंसारी आदि अन्य लोगों को बरी कर दिया गया है। माना जा रहा है कि संजीव सिंह की हत्या दुबराज नाग ने पुरानी रंजिश और जमीन की खरीद बिक्री को लेकर वर्चस्व की लड़ाई में की थी। सरफुद्दीन और मंगल टुडू मुख्य शूटर माने गए थे। इन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन कोर्ट ने उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं पाया और इन्हें बरी कर दिया है।
रेलवे क्रॉसिंग खुलने का कर रहे थे इंतजार, तभी हुई घटना
गौरतलब है कि रियल एस्टेट कारोबारी संजीव सिंह की हत्या लाफार्ज सीमेंट प्लांट के नजदीक रेलवे फाटक के पास हुई थी। उन्हें दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। हमलावरों ने संजीव सिंह के सिर, सीने और पीठ पर कई गोलियां दागी थीं। हत्या की यह घटना तब अंजाम दी गई जब संजीव सिंह अपनी स्कूटी से कार की किस्त जमा करने जा रहे थे।
रेलवे क्रॉसिंग बंद थी। तो वह स्कूटी पर बैठकर ही रेलवे क्रॉसिंग खुलने का इंतजार कर रहे थे। घटना वाले दिन संजीव सिंह सरजामदा स्थित अपने पुराने घर गए थे। वहां से ₹30 हजार लेकर कार की मासिक किस्त जमा करने निकले थे।
टेल्को के रहने वाले थे संजीव सिंह
संजीव सिंह टेल्को कॉलोनी के फ्लैट नंबर 11 के रहने वाले थे। पहले उनका अवैध शराब का कारोबार था। लेकिन बाद में उन्होंने शराब का कारोबार बंद कर जमीन का धंधा शुरू कर दिया था। संजीव के खिलाफ भी परसुडीह व सुंदर नगर थाना में कई मामले दर्ज थे। बाद में संजीव ने गोविंदपुर के यशोदा नगर में घर खरीदा था।

