Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के बायोटेक विभाग में पास-फेल के नाम पर पैसों के खेल मामले में लोकभवन (पूर्व में राजभवन) की ओर से गठित कमेटी जांच कर चुकी है। उसके बाद शनिवार को जिला प्रशासन की टीम ने भी इस मामले में यूनिवर्सिटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विश्वराज लाल से पूछताछ की। जानकारी के अनुसार, तीन सदस्यीय जांच टीम ने बायोटेक विभाग की छात्राओं से मिली शिकायत को ध्यान में रखते हुए कई सवाल पूछे।
एक सवाल पर कतराते रहे डॉ. विश्वराज लाल
बताया जाता है कि डॉ. लाल टीम के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस दौरान टीम ने उनसे उनकी पांच चहेती छात्राओं के नाम भी पूछे। इस पर पहले तो डॉ. लाल ने कहा कि सभी छात्राएं उनकी चहेती हैं। बावजूद जांच टीम ने सवाल को बार-बार दोहराया। हालांकि इस सवाल पर डॉ. कतराते रहे। इस बीच बायोटेक विभाग में छात्राओं का कोई क्लब आदि के संबंध में पूछे जाने के बाद डॉ. लाल ने चार-पांच छात्राओं के नाम बताए। जानकारी के अनुसार, टीम ने डॉ. लाल को गोलमोल जवाब नहीं देने की हिदायत दी। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीम ने आगामी दिनों में यूनिवर्सिटी का दौरा कर आगे की जांच करने की बात कही।
अभी जांच जारी : डीईओ
छात्राओं की ओर से शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त ने जांच टीम का गठन किया है। जिले के अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित इस जांच टीम में भू-राजस्व पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) शामिल हैं। शनिवार को इसी टीम ने डॉ. विश्वराज लाल को बुलाकर पूछताछ की। टीम में शामिल डीईओ मनोज कुमार ने पूछने पर बताया कि अपर उपायुक्त की अध्यक्षता में जांच चल रही है। आगे भी जांच की जानी है, अतः अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
नहीं मिला मैसेज का जवाब
दूसरी ओर, डॉ. विश्वराज लाल से भी मोबाइल के माध्यम से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उन्हें वाट्सएप मैसेज भी भेजा गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से मैसेज का जवाब नहीं मिला था।
क्या है मामला?
बता दें कि डॉ. विश्वराज लाल पर यूनिवर्सिटी के बायोटेक विभाग की कुछ छात्राओं ने ट्यूशन लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में विभाग की कुछ छात्राओं ने जिले के उपायुक्त, यूनिवर्सिटी की कुलपति, रजिस्ट्रार व अन्य अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी। छात्राओं ने शिकायत पत्र में बताया है कि डॉ. विश्वराज लाल द्वारा अपनी कुछ चहेती छात्राओं के माध्यम से ट्यूशन लेने का दबाव बनाया जाता है। ट्यूशन लेने अथवा पैसे के बल पर परीक्षा से पहले पूछे जानेवाले प्रश्न बताने का भी प्रलोभन दिया जाता है। छात्राओं ने शिकायत पत्र में यहां तक कहा है कि उनकी अवैध रूप से वसूली गई राशि की तीन लोगों के बीच बंदरबांट होती है, जिनमें डॉ. लाल के अलावा रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक भी शामिल हैं।
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