रांची : बुधवार को झारखंड विधानसभा में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि गरीबों को पक्का मकान देना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार अबुआ आवास पर 4400 करोड़ रुपये खर्च करेगी। प्रश्नकाल के दौरान आवास योजनाओं को लेकर उठे सवाल पर उन्होंने विस्तृत जवाब दिया।
केंद्र सरकार की ओर से कोई नया आवंटन नहीं
आज विधानसभा में जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए। मंत्री ने सदन में बताया कि वर्ष 2014 से राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना लागू है, लेकिन वर्ष 2022 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद लगभग तीन वर्षों तक केंद्र सरकार की ओर से कोई नया आवंटन नहीं किया गया। ग्रामीण गरीबों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अबुआ आवास योजना की शुरुआत की, जिसके तहत प्रत्येक आवास के लिए राज्य सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है।
16 लाख परिवारों को लाभार्थी के रूप में किया गया है चिह्नित
मंत्री ने बताया कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के माध्यम से करीब 22 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सर्वेक्षण के आधार पर लगभग 16 लाख परिवारों को आवास की आवश्यकता वाले लाभार्थी के रूप में चिह्नित किया गया। वर्तमान में लगभग 6.5 लाख आवासों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे आगे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संताल परगना क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास, अबुआ आवास, पीएम जनमन और बाबा साहेब आंबेडकर आवास योजना को मिलाकर करीब साढ़े सात लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य जारी है।
केंद्र से की जा रही PMAY की राशि बढ़ाने की मांग
सरकार की ओर से केंद्र से लगातार यह मांग की जा रही है कि महंगाई को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जा सके। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में अबुआ आवास योजना के लिए 4,400 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
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