RANCHI: हाईकोर्ट ने रांची यूनिवर्सिटी के अधीन संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज में अव्यवस्था पर नाराजगी जताई है। गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान उच्च शिक्षा और वित्त विभाग के प्रधान सचिव, जेपीएससी के सचिव, यूनिवर्सिटी के वीसी, डीन और संस्थान के डायरेक्टर को शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। सुनवाई न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में हुई। संस्थान में प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति नहीं होने पर कोर्ट ने सवाल उठाए। इस पर यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि आईएलएस में कोई स्वीकृत पद नहीं है और नियुक्तियां जेपीएससी के माध्यम से होती हैं।
कोर्ट ने संस्थान की स्थिति को गंभीर मानते हुए अगले सत्र से नामांकन पर रोक जारी रखने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। याचिकाकर्ता अंबेश कुमार चौबे की ओर से अधिवक्ता अनूप कुमार अग्रवाल ने पक्ष रखा। याचिका में बताया गया कि संस्थान में लाइब्रेरी, योग्य प्रिंसिपल और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की कमी है, जिससे 418 छात्रों का भविष्य संकट में है। बता दें कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अक्टूबर 2025 में संस्थान को छह माह के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ है।
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