
रांची : ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बनाए गए पुल-पुलियों के गिरने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोपों से जुड़ी जनहित याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत ने प्रार्थी और राज्य सरकार को पांच अक्टूबर तक लिखित पक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने कहा कि पुल-पुलियों के गिरने की घटनाओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया गया है।
प्रार्थी पंकज कुमार यादव की याचिका में पुल-पुलियों के निर्माण में अनियमितता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए घटनाओं की जांच की मांग की गई है। याचिका में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ मामलों की ईडी और सीबीआई से जांच कराने का आग्रह भी किया गया है।

