रांची : झारखंड में लंबित मानदेय भुगतान और नियमितीकरण की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों ने आंदोलन का एलान किया है। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर राज्यभर के मनरेगा कर्मी 9, 10 और 11 मार्च 2026 को सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडेय ने बताया कि राज्य में कार्यरत मनरेगा कर्मियों को पिछले छह माह से अधिक समय से मानदेय नहीं मिला है, जिसके कारण वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कई कर्मियों के सामने परिवार चलाने तक की समस्या खड़ी हो गई है। कार्य स्थल पर भी जाना मुश्किल हो रहा है।
संघ के प्रदेश महामंत्री दीपक महतो ने कहा कि वर्ष 2024 की हड़ताल के दौरान सरकार के साथ हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग के साथ हुई वार्ता और राज्य मनरेगा परिषद के प्रस्तावों पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रमुख मांगें
नियमितीकरण के लिए स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति का निर्माण
राज्य मनरेगा कोषांग में कार्यरत पदाधिकारियों के समरूप वेतन संरचना (ग्रेड-पे) लागू करना
सामाजिक सुरक्षा नीति (स्वास्थ्य बीमा, पेंशन और मृत्यु मुआवजा) लागू करना
कई माह से लंबित बकाया मानदेय का अविलंब भुगतान
मृत मनरेगा कर्मियों के आश्रितों को समुचित आर्थिक सहायता और लाभ
मानदेय भुगतान की समयबद्ध और सुनिश्चित व्यवस्था
अनावश्यक कार्यभार और अव्यावहारिक लक्ष्य निर्धारण पर रोक

