रांची : बीते कुछ दिनों से तापमान में हो रही बढ़ोतरी के बाद से अब हर रोज झारखंड का मौसम बदल रहा है। आज सुबह मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है। ठंड ने जोरदार वापसी की है। इस मौसमी बदलाव ने आम जनजीवन को सीधे तौर पर प्रभावित किया है।
राजधानी रांची में जहां हाल तक न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, वहीं बीते 24 घंटों में यह तेजी से गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह तक राज्य को कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि दिन के अधिकतम तापमान में बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। औद्योगिक शहर जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बाद भी सुबह और रात के समय ठंड का असर तीखा बना रहेगा।
हिमालयी बर्फबारी से बदला झारखंड का मौसम
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में हो रही लगातार और भारी बर्फबारी का असर अब पूर्वी भारत के राज्यों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने झारखंड के तापमान को तेजी से नीचे गिराया है। यही कारण है कि राज्य के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की संभावना जताई गई है। यह शीत लहर कम से कम अगले सात दिनों तक प्रभावी रह सकती है।
पिछले 24 घंटों के तापमान आंकड़ों पर नजर डालें तो डाल्टनगंज में न्यूनतम तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में लगभग 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। राज्य के कम से कम 13 जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है, जिनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं।
इन जिलों में कोहरे की चादर
ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। रांची, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार और पलामू जैसे जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में दृश्यता घटकर महज 50 मीटर तक रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने का अंदेशा है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही, सुबह के समय सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने को सुरक्षित माना गया है।

