रांची : मार्च का महीना आमतौर पर गर्मी की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इस बार झारखंड में मौसम ने सबको चौंका दिया है। जहां लोग तेज धूप और बढ़ते तापमान के लिए तैयार थे, वहीं अचानक ठंडी हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि ने माहौल को बदल दिया। दिन में गर्मी और शाम होते-होते ठंड का एहसास। यह अजीब सा मौसम लोगों के लिए राहत भी बना है और हैरानी की वजह भी।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से झारखंड में मौसम का यह अनोखा रंग अगले कुछ दिनों तक देखने को मिल सकता है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। दिन में तेज धूप के बावजूद दोपहर बाद अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि लातेहार में तापमान 12 डिग्री दर्ज किया गया। इस बदलाव के चलते कई इलाकों में लोगों ने फिर से हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
Jharkhand Weather Update : आज येलो अलर्ट के बीच बारिश और तेज हवाएं
मौसम विभाग के अनुसार, पूरे झारखंड में आज येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले दिन जहां ऑरेंज अलर्ट लागू था, वहीं अब थोड़ी राहत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे तापमान में और गिरावट महसूस की जा सकती है। पश्चिमी विक्षोभ का असर राज्य के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी जिलों में अधिक देखा जा रहा है। लोहरदगा, पलामू और गढ़वा जैसे जिलों में वज्रपात और बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय बनी हुई हैं। इन क्षेत्रों में मौसम का उतार-चढ़ाव लगातार जारी है।
2-3 दिन तक बना रहेगा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण झारखंड में मौसम का यह बदलाव अगले दो से तीन दिनों तक जारी रह सकता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे गर्मी से राहत तो मिल रही है, लेकिन अचानक बदलते मौसम ने स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है।
Rain and Hailstorm in Jharkhand : पाकुड़ में भारी बारिश और ओलावृष्टि
पाकुड़ जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई है। यहां बारिश का स्तर लगभग 50 मिलीमीटर तक पहुंच गया, जिससे माहौल बरसात जैसा बन गया। शाम और रात के समय ओलावृष्टि भी देखी गई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते कृषि क्षेत्र पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
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